महाराष्ट्र के बाद अब नागालैंड विधानसभा में भी शरद पवार को झटका

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August 17, 2026

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महाराष्ट्र के बाद अब नागालैंड विधानसभा में भी शरद पवार को झटका

-नागालैंड स्पीकर ने खारिज की सात विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की याचिका

नागालैंड/शिव कुमार यादव/- नागालैंड विधानसभा अध्यक्ष शेरिंगेन लोंगकुमेर ने राज्य में सात राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिका खारिज कर दी है। शरद पवार के नेतृत्व वाली राकांपा के राष्ट्रीय महासचिव हेमंत टकले ने 30 अगस्त, 2023 को सात विधायकों – पिक्टो शोहे, पी लॉन्गोन, नामरी नचांग, वाई म्होनबेमो हम्त्सो, एस तोइहो येप्थो, वाई मनखाओ कोन्याक और ए पोंगशी फोम के खिलाफ अयोग्यता याचिका दायर की थी और आरोप लगाया था कि वे पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे।

सात विधायकों ने अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट के पक्ष में दिया था समर्थन
एनसीपी के सात विधायकों ने अजित पवार के नेतृत्व वाले गुट के पक्ष में समर्थन पत्र दिया था। स्पीकर को 30 अगस्त को अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी की ओर से एक सूचना भी मिली थी, जिसमें नागालैंड में सात एनसीपी विधायकों के संबंध में अयोग्यता याचिका पर भारत के चुनाव आयोग द्वारा अंतिम निर्णय आने तक कोई निर्णय नहीं लेने की प्रार्थना की गई थी। शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए स्पीकर लोंगकुमेर ने कहा कि एनसीपी से संबंधित अयोग्यता याचिका उनकी अदालत में पांच महीने से अधिक समय से लंबित है।

चुनाव चिन्ह पर विवाद पर चुनाव आयोग का 6 फरवरी को पारित निर्णय एनसीपी नागालैंड के अध्यक्ष वानथुंगो ओडयू ने स्पीकर के कार्यालय को उपलब्ध कराया था। यह कहते हुए कि अजित पवार का समर्थन करने के लिए सात सदस्यों को अयोग्य ठहराने के लिए याचिका दायर की गई थी। लोंगकुमेर ने कहा कि एनसीपी पर ईसीआई का निर्णय अजित पवार गुट के पक्ष में था।

स्पीकर ने कही ये बात
उन्होंने कहा, चुनाव आयोग ने फैसला किया है कि अजीत पवार के नेतृत्व वाला गुट एनसीपी है और चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के प्रयोजनों के लिए अपने नाम और आरक्षित प्रतीक ’घड़ी’ का उपयोग करने का हकदार है। इसलिए उन्होंने कहा कि एनसीपी के राजनीतिक दल के वैध नेता का समर्थन करना पार्टी विरोधी गतिविधियों के समान नहीं होगा और न ही स्वेच्छा से एनसीपी पार्टी की सदस्यता छोड़ना और मामले में आगे बढ़ना निरर्थक होगा।

        इसके अनुसार तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, लोंगकुमेर ने कहा कि सात एनसीपी विधायक दसवीं अनुसूची के पैरा 2(1) ए के तहत अयोग्य घोषित होने  के लिए उत्तरदायी नहीं हैं और याचिका खारिज कर दी।

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