भारत में कोविड का नया संकट: JN.1 वैरिएंट से बढ़े केस, केरल और दिल्ली में सबसे ज़्यादा असर

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August 24, 2026

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भारत में कोविड का नया संकट: JN.1 वैरिएंट से बढ़े केस, केरल और दिल्ली में सबसे ज़्यादा असर

अनीशा चौहान/- भारत में एक बार फिर कोविड-19 मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे लोगों और स्वास्थ्य विभागों की चिंता बढ़ गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 8 जून 2025 तक देशभर में 6,174 सक्रिय कोविड मामले दर्ज किए गए हैं। इस लहर में सबसे ज़्यादा प्रभावित राज्य केरल है, जहाँ 1,806 एक्टिव केस पाए गए हैं। इसके बाद गुजरात (915), दिल्ली (628), पश्चिम बंगाल (651), महाराष्ट्र (562), कर्नाटक (456) और तमिलनाडु (236) में भी मामलों की संख्या चिंताजनक है।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश (213), राजस्थान (119) और मध्य प्रदेश (24) जैसे राज्यों में भी मामलों में धीरे-धीरे बढ़ोतरी देखी जा रही है।

पिछले 24 घंटे: नए मामले और मौतें
पिछले 24 घंटों में पूरे देश में 412 नए कोविड मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें सबसे अधिक केस केरल (139) से सामने आए हैं, इसके बाद गुजरात (121) और दिल्ली (35) हैं। इस अवधि में 4 लोगों की मौत भी हुई है दो केरल, एक पंजाब, और एक कर्नाटक से। जनवरी 2025 से अब तक कोविड संक्रमण से कुल 48 मौतें दर्ज की जा चुकी हैं। मृतकों में अधिकतर वे लोग शामिल हैं जो या तो बुज़ुर्ग थे या पहले से गंभीर बीमारियों से ग्रस्त थे।

नए वैरिएंट्स: JN.1 सबसे अधिक फैलाव वाला
कोरोना मामलों की इस नई लहर के पीछे चार नए सब-वैरिएंट्स को ज़िम्मेदार माना जा रहा है — LF.7, XFG, JN.1, और NB.1.8.1। इनमें से सबसे ज़्यादा प्रभावशाली JN.1 वैरिएंट है, जो अब तक के 53% मामलों में पाया गया है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने NB.1.8.1 और LF.7 को “Variants Under Monitoring” की श्रेणी में रखा है। इसका मतलब है कि इन वैरिएंट्स में तेजी से फैलने की क्षमता है और इन पर करीबी निगरानी रखी जा रही है, लेकिन इन्हें अभी तक “Variants of Concern” नहीं माना गया है।

संक्रमण बढ़ने के पीछे कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार संक्रमण बढ़ने की वजहें सिर्फ नए वैरिएंट्स ही नहीं हैं, बल्कि कमजोर होती वैक्सीन इम्यूनिटी, मौसमी बदलाव, और लोगों की लापरवाही भी इसके पीछे बड़े कारण हैं।

लोगों द्वारा मास्क न पहनना, भीड़-भाड़ वाले इलाकों में सावधानी न बरतना, और टीकाकरण की बूस्टर डोज़ न लगवाना संक्रमण की दर को और तेज़ कर रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विशेष रूप से बुज़ुर्गों, बच्चों, और पहले से बीमार लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने मास्क पहनने, हाथ धोते रहने, सार्वजनिक स्थानों पर सावधानी बरतने और किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत जांच कराने की अपील की है।

भारत में कोविड की यह नई लहर भले ही अभी उतनी घातक न हो, लेकिन सावधानी और जागरूकता के बिना इसका असर गंभीर हो सकता है।

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