नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- भारत ने विदेश से आयात होने वाली बॉर्बन व्हिस्की पर आयात शुल्क कम करने का फैसला किया है। सरकार का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत पर ज्यादा शुल्क लगाने का आरोप लगा चुके हैं। भारत ने 13 फरवरी को बॉर्बन व्हिस्की पर 50 प्रतिशत तक आयात शुल्क घटाने का फैसला किया है।

भारत में शराब ब्रांड्स पर लगता है भारी आयात शुल्क
सरकार ने बॉर्बन व्हिस्की पर आयात शुल्क 150 प्रतिशत से घटाकर 100 प्रतिशत करने का फैसला किया है। अब इस व्हिस्की पर 50 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी लगेगी और 50 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगेगा, जिसके बाद इस पर लगने वाला कुल शुल्क 100 प्रतिशत होगा। हालांकि सरकार ने अन्य शराब उत्पादों के आयात शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया है और उन पर पहले की तरह ही 150 प्रतिशत शुल्क लगना जारी रहेगा। सरकार के इस कदम से अमेरिका से होने वाले व्हिस्की के आयात में फायदा होगा। भारत में लगने वाले भारी आयात शुल्क की कई स्पिरिट कंपनियां पहले भी आलोचना कर चुकी हैं।

क्या होता है टैरिफ
टैरिफ एक सीमा शुल्क या टैक्स है, जो विदेशों से आने वाले सामान पर विभिन्न देशों की सरकारें लगाती हैं। इस टैरिफ के असर से विदेशी सामान की कीमत घरेलू बाजार में बढ़ जाती है। इससे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलता है और साथ ही सरकार को टैरिफ से कमाई भी होती है। इसका उद्देश्य स्थानीय उत्पादों और उद्योगों को बचाना होता है। अमेरिका का विभिन्न देशों के साथ बड़े पैमाने पर व्यापार घाटा है और इस व्यापार घाटे को कम करने के लिए ही ट्रंप भारी भरकम टैरिफ लगाने की बात कर रहे हैं।


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