भगवान गणेश के मंदिर में करें ये 5 काम, होगी हर मनोकामना पूरी

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 18, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

भगवान गणेश के मंदिर में करें ये 5 काम, होगी हर मनोकामना पूरी

-गणेश चतुर्थी पर विशेष पूजा-अर्चना का विधान

धर्म-शास्त्र/शिव कुमार यादव/- देवाताओं में भगवान गणेश को प्रथम पूज्य और विघ्नहर्ता कहा जाता है। भगवान गणेश की पूजा हर संकट का नाश करती है। माना जाता है कि गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश के मंदिर में जाकर श्रद्धालु कुछ कार्यों को करते हैं तो भगवान गणेश उनकी हर एक मनोकामना को पूर्ण करते हैं। गणेश पुराण और स्कंद पुराण जैसे शास्त्रों में उनकी महिमा का वर्णन है, जहां बताया गया है कि उनकी भक्ति से सभी बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। गणेश मंदिर में कुछ विशेष कार्य करने से भक्तों को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। जैसे भगवान शिव तक अगर कोई अर्जी पहुंचानी हो तो नंदी के कान में अपनी मनोकामना रखी जाती है। उसी प्रकार से भगवान गणेश तक अर्जी पहुंचाने के लिए वहां मौजूद चूहे की मूर्ति के कान में आप अपनी मनोकामना कह सकते हैं। आइए जानते हैं कि मनोकामना पूर्ति के लिए गणेश मंदिर में किन कार्यों को जरूर करना चाहिए।

गणेश मंत्र का जाप
शास्त्रों में गणेश मंत्रों को अत्यंत प्रभावशाली बताया गया है। गणेश गायत्री मंत्र ‘ॐ एकदन्ताय विद्महे, वक्रतुण्डाय धीमहि, तन्नो दन्ती प्रचोदयात्’ या ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का जाप मंदिर में करने से मन शांत होता है और बुद्धि प्रखर होती है। गणेश पुराण के अनुसार, मंत्र जाप से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और भक्त की बौद्धिक व आध्यात्मिक उन्नति होती है। मंदिर में कम से कम 108 बार मंत्र जाप करें, इससे आपकी मनोकामनाएं पूर्ण होने की संभावना बढ़ती है।

मोदक करें अर्पित
गणेश पुराण के अनुसार भगवान गणेश को मोदक अति प्रिय है। मंदिर में मोदक अर्पित करने से गणपति प्रसन्न होते हैं। शास्त्रों के अनुसार, मोदक समृद्धि और मिठास का प्रतीक है। मंदिर में 21 मोदक चढ़ाने की परंपरा है, जिसे बाद में प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। इस कारण आप मंदिर में मोदक का भोग अवश्य लगाएं।

दूर्वा घास करें अर्पित
स्कंद पुराण में दूर्वा घास को गणेश जी की पूजा में विशेष महत्व दिया गया है। दूर्वा को गणपति का प्रिय माना जाता है। मंदिर में 21 दूर्वा घास की गांठें चढ़ाने से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है। शास्त्रों के अनुसार, दूर्वा समर्पण करने से स्वास्थ्य, समृद्धि और सुख में वृद्धि होती है। ध्यान रखें कि दूर्वा ताजी और स्वच्छ हो।

गणेश चालीसा पाठ
गणेश चालीसा का पाठ मंदिर में करने से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। शास्त्रों में चालीसा को भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक माना गया है। मंदिर के पवित्र वातावरण में गणेश चालीसा का पाठ करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मन में सकारात्मकता का संचार होता है। पाठ के बाद गणेश जी से अपनी मनोकामना पूर्ण करने की प्रार्थना करें।

करें परिक्रमा
शास्त्रों में गणेश मंदिर में परिक्रमा का विशेष महत्व है। गणेश पुराण के अनुसार, गणपति की मूर्ति की तीन परिक्रमा करने से सभी विघ्न दूर होते हैं। परिक्रमा के बाद गणेश जी के सामने साष्टांग प्रणाम करें।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox