बिहार वोटर वेरिफिकेशन विवाद: सुप्रीम कोर्ट आज करेगा 9 याचिकाओं पर अहम सुनवाई

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March 4, 2026

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बिहार वोटर वेरिफिकेशन विवाद: सुप्रीम कोर्ट आज करेगा 9 याचिकाओं पर अहम सुनवाई

बिहार/सिमरन मोरया/- बिहार विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेशभर में वोटर वेरिफिकेशन का काम चल रहा है। चुनाव आयोग की इस प्रक्रिया पर विपक्षी दलों के द्वारा जमकर हंगामा हो रहा है। बुधवार को चुनाव आयोग के इस निर्णय के खिलाफ महागठबंधन के द्वारा बिहार बंद किया गया था, जिसका असर भी कई जिलों में देखने को मिला। इस बीच EC के द्वारा वोटर वेरिफिकेशन ड्राइव के विरुद्ध एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स, राजद और कांग्रेस समेत 9 दलों के द्वारा याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने भी सभी याचिकाओं को स्वीकार कर लिया है। गुरुवार को SC में सुनवाई होनी है। गौरतलब है कि अभी तक लगभग 50%वोटरों के कागज जमा हो गए हैं। 28 जुलाई तक पेपर जमा करने की डेडलाइन EC के द्वारा दी गई है।

विपक्ष कर रहे विरोध
चुनाव आयोग के इस फैसले के खिलाफ बिहार के तमाम विपक्षी दल हमलावर नजर आ रहे हैं। बुधवार को राजद, कांग्रेस समेत महागठबंधन के तमाम दलों ने बिहार बंद किया था। खुद राहुल गांधी और तेजस्वी यादव इस बंद में शामिल हुए थे। उन्होंने भाजपा और EC पर वोट चोरी का आरोप लगाया था। बिहार के कई जिलों में बंद का असर भी दिखा था। विपक्षी दलों का मानना है कि EC वोटर वेरिफिकेशन की प्रक्रिया उनके समर्थकों के वोट को काटने के लिए कर रही है। साथ ही विपक्ष के द्वारा यह भी सवाल उठाया गया है कि आखिर एक महीने में कैसे 8 करोड़ वोटरों का वेरिफिकेशन EC के द्वारा किया जाएगा। वहीं, इस वक्त बिहार के कई इलाकों में भीषण बारिश और बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, ऐसे में विपक्ष ने सवाल उठाया है कि उस स्थिति में फंसे लोग कैसे अपने कागज दिखा पाएंगे?

इन्हें नहीं देने होंगे दस्तावेज
वोटर वेरिफिकेशन के बीच कई तरह के भ्रम भी सामने आए। तमाम भ्रमों पर खुद EC सफाई दे रहा है। EC ने कहा है कि जिन मतदाताओं के नाम 2003 की मतदाता सूची में शामिल हैं उन्हें किसी तरह के दस्तावेज की आवश्यकता नहीं पड़ेगी। ऐसे वोटरों की संख्या बिहार में करीब 5 करोड़ हैं। कुल मतदाताओं की संख्या करीब 7 करोड़ के आसपास है। ऐसे में सिर्फ 3 करोड़ वोटरों को ही अपने दस्तावेज दिखाने होंगे। गौरतलब है कि बिहार के कई इलाकों में खासकर सीमांचल में फर्जी वोटरों की संख्या में इजाफा हुई है। इन आरोपों के बाद ही EC ने वोटर वेरिफिकेशन करवाने का आदेश दिया।

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