बॉलीवुड/अनीशा चौहान/- उत्तर प्रदेश के बरेली में 12 सितंबर को बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पाटनी के घर पर हुई फायरिंग मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बुधवार 17 सितंबर को गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी इलाके में यूपी एसटीएफ, हरियाणा एसटीएफ और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की संयुक्त टीम ने दोनों शूटरों को एनकाउंटर में मार गिराया। दोनों आरोपी कुख्यात गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा के नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
एनकाउंटर में मारे गए शूटर
पुलिस की जांच में पता चला कि हमले में शामिल दोनों बदमाशों की पहचान रविंद्र उर्फ कल्लू (रोहतक के काहनी गांव निवासी) और अरुण (गोहाना निवासी) के रूप में हुई थी। दोनों पहले से ही कई आपराधिक मामलों में वांटेड थे। सूचना मिलने पर संयुक्त टीम ने ट्रॉनिका सिटी में उन्हें घेर लिया। लेकिन सरेंडर करने के बजाय दोनों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वे गंभीर रूप से घायल हो गए और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
कैसे हुआ था हमला?
12 सितंबर की सुबह करीब 3:30 बजे बरेली के सिविल लाइंस इलाके में स्थित विला नंबर 40 पर दो बाइक सवार बदमाशों ने 8 से 10 राउंड फायरिंग की थी। इस दौरान घर की दीवारों पर गोलियों के निशान बने, लेकिन सौभाग्य से कोई घायल नहीं हुआ। उस समय दिशा पाटनी मुंबई में थीं, जबकि उनका परिवार घर पर मौजूद था। विदेशी कारतूस घटनास्थल से बरामद हुए। मामले की गंभीरता देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद दिशा के परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई और पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
गैंग ने ली जिम्मेदारी
हमले के कुछ ही घंटों बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें गोल्डी बराड़ गैंग ने घटना की जिम्मेदारी ली। पोस्ट में दावा किया गया कि पाटनी परिवार और बॉलीवुड को सबक सिखाने के लिए यह हमला किया गया। गैंग ने धमकी दी कि यह सिर्फ ‘ट्रेलर’ था और अगली बार जान से मार दिया जाएगा। जांच में सामने आया कि इस हमले का असली निशाना दिशा पाटनी के पिता जगदीश पाटनी थे, जो रिटायर्ड पुलिस अधिकारी हैं।
आलोचना से जुड़ा विवाद
मामले की जड़ जुलाई 2025 में दिशा पाटनी के एक सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ी बताई जा रही है। उन्होंने संत अनिरुद्धाचार्य के महिलाओं और लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर दिए गए बयान की आलोचना की थी। गैंग ने इसे ‘सनातन धर्म का अपमान’ बताते हुए बदला लेने की धमकी दी थी। फिलहाल गोल्डी बराड़ कनाडा में और रोहित गोदारा यूके में छिपा हुआ है। दोनों पर पहले से ही कई बड़े मामलों में आरोप दर्ज हैं।


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