’बड़ी संख्या मे लोग मतदाता सूची से हटे तो हम दखल देंगे’- एससी

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August 24, 2026

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’बड़ी संख्या मे लोग मतदाता सूची से हटे तो हम दखल देंगे’- एससी

-एसआईआर मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को दी चेतावनी

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- बिहार में चल रहे वोटर लिस्ट सघन पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को कड़ी हिदायत दी है। कोर्ट ने साफ कहा कि अगर बड़े पैमाने पर लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए, तो अदालत इस मामले में दखल देगी। साथ ही एसआईआर मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग को चेतावनी भी दी। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण मामले पर सुनवाई 12-13 अगस्त तक टाल दी है। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर के खिलाफ याचिका दायर करने वाले याचिकाकर्ताओं और चुनाव आयोग से 8 अगस्त तक अपना जवाब दाखिल करने को कहा है। याचिकाकर्ताओं ने दावा किया कि 1 अगस्त को ड्राफ्ट सूची का प्रकाशन हो जाएगा और उसमें कई लोगों को मतदाता सूची से बाहर रखा गया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम एक न्यायिक प्राधिकरण के रूप में इस मामले की समीक्षा कर रहे हैं और अगर बड़े पैमाने पर लोगों को मतदाता सूची से बाहर किया गया तो हम तुरंत इस मामले में दखल देंगे।

सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची के प्रकाशन पर रोक लगाने से कर दिया था इनकार
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस मामले पर सुनवाई के दौरान बिहार में मसौदा मतदाता सूची के प्रकाशन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आयोग से आधार को भी दस्तावेजों की सूची में शामिल करने पर विचार करने के लिए फिर से कहा।

जस्टिस बागची ने क्या कहा?
सुनवाई के दौरान जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा आपको आशंका है कि करीब 65 लाख लोगों के नाम सूची से हट सकते हैं। चुनाव आयोग ने ड्राफ्ट लिस्ट प्रकाशित करने की बात कही है। अगर बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए, तो हम जरूर हस्तक्षेप करेंगे। जीवित लोगों का नाम सूची में रहना चाहिए।

प्रशांत भूषण का आरोप
एडीआर के वकील प्रशांत भूषण ने अदालत में कहा कि 65 लाख लोगों ने फॉर्म नहीं भरा, इसलिए उनके नाम सूची से हटा दिए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर टिप्पणी करते हुए याचिकाकर्ताओं से कहा कि वे छळव् की तरह निगरानी की भूमिका निभाएं और अगर कहीं गड़बड़ी दिखे तो अदालत को तुरंत सूचित करें।

चुनाव आयोग की सफाई
चुनाव आयोग की ओर से वकील राकेश द्विवेदी ने बताया कि अभी जो सूची प्रकाशित हुई है, वह केवल ड्राफ्ट लिस्ट है। इसमें वही नाम हटाए गए हैं जो या तो मृत हैं या स्थायी रूप से दूसरी जगह चले गए हैं। लोग इस ड्राफ्ट पर आपत्ति दर्ज कर सकते हैं। अंतिम सूची 15 सितंबर के आसपास जारी की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने फिर दोहराया कि अगर बड़ी संख्या में लोगों को गलत तरीके से बाहर किया गया, तो अदालत इस पर सख्त रुख अपनाएगी।

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