नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- फर्जी बिल बनाकर जीएसटी चोरी करने के मामले में डीजीजीआई, लुधियाना ने मंडी गोबिंदगढ़ स्थित तीन कंपनियों मेसर्स आरडी एंटरप्राइजेज, मेसर्स आशी स्टील इंडस्ट्रीज और मेसर्स अभी एलॉयज की जांच की। ये कंपनियां लोहे व स्टील के सामान के ट्रेडिंग की आड़ में बिना किसी वास्तविक सप्लाई के 87.91 करोड़ रुपये के फर्जी बिल बना रही थीं।

जीएसटी इंटेलिजेंस अधिकारियों ने तीन व्यावसायिक इकाइयों के अंतरराज्यीय घोटाले का खुलासा करते हुए फर्जी बिलिंग रैकेट में शामिल रमन कुमार चौरसिया और देविंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। ये कार्रवाई डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई), लुधियाना की ओर से की गई। दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन पर 13.41 करोड़ रुपये का जीएसटी धोखाधड़ी करने का आरोप है।
वित्त मंत्रालय की ओर से बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी गई। डीजीजीआई, लुधियाना ने मंडी गोबिंदगढ़ स्थित तीन कंपनियों मेसर्स आरडी एंटरप्राइजेज, मेसर्स आशी स्टील इंडस्ट्रीज और मेसर्स अभी एलॉयज की जांच की। ये कंपनियां लोहे व स्टील के सामान के ट्रेडिंग की आड़ में बिना किसी वास्तविक सप्लाई के 87.91 करोड़ रुपये के फर्जी बिल बना रही थीं। इसके जरिये इन्होंने इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का गलत फायदा उठाया। वित्त मंत्रालय के अनुसार, यूपी के डीजीजीआई, लखनऊ और पंजाब के डीजीजीआई, लुधियाना कार्यालयों के बीच समन्वय से यह घोटाला उजागर हुआ।


More Stories
रेवंत रेड्डी की अमेरिका यात्रा रद्द, केंद्र से नहीं मिली मंजूरी!
ओवरस्टे मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार, 2024 में घोषित हुआ था PO
छात्रों की 26 मांगों को लेकर NSUI ने सौंपा ज्ञापन
एसपी ऋषिकेश ने कांवड़ यात्रा मार्ग का किया निरीक्षण
UGC रोल बैक पर सरकार झुकी, करणी सेना की दो मांगें मंजूर
भूमि बेचने के नाम पर 65 लाख की ठगी, एक आरोपी गिरफ्तार