प्राकृत भाषा के ज्ञान एवं संवर्धन हेतु कार्यशाला का आयोजन

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

April 2026
M T W T F S S
 12345
6789101112
13141516171819
20212223242526
27282930  
April 15, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

प्राकृत भाषा के ज्ञान एवं संवर्धन हेतु कार्यशाला का आयोजन

अनीशा चौहान/-   ‘प्राकृत को शास्त्रीय भाषा (क्लासिकल लैंग्वेज) की मान्यता मिलने के बाद अब प्राकृत भाषा के क्षेत्र में कार्यरत विद्वानों एवं जिज्ञासुओं का यह कर्त्तव्य हो जाता है कि वे न केवल इसके व्याकरण का विधिवत् रूप से अध्ययन करें, बल्कि इस भाषा में सोचना, बोलना एवं लिखने की अबाध-क्षमता को विकसित करें। प्राकृत के व्याकरण ग्रन्थों में भाषाविज्ञान के अनेक सूत्र निहित हैं, जिनकों केन्द्र में रखकर निरन्तर शोधकार्य होते रहना चाहिए’ यह वक्तव्य इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. नागेश्वर राव जी ने श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के प्राकृत भाषा विभाग द्वारा आयोजित कार्यशाला में दिया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुरलीमनोहर पाठक जी ने अध्यक्षीय वक्तव्य में कहा कि भारतीय भाषा संवर्धन परिषद् द्वारा भारतीय शैक्षणिक पाठ्यक्रमों को 22 भाषाओं में अनुवाद कराया जा रहा है, उसमें प्राकृत भाषा को भी जोड़ने का पस्ताव दिया जाये तथा इस प्रोजेक्ट का केन्द्र हमारे विश्वविद्यालय के प्राकृतभाषा विभाग को बनाया जाये, ताकि इस सर्वाधिक प्रतिष्ठित विभाग से यह कार्य गरिमापूर्वक सम्पन्न हो सकेगा।

कार्यशाला के मुख्य-अतिथि पूर्व कैबिनेट सेक्रेटरी श्री अशोक प्रधान जी ने कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुये प्राकृतभाषा को क्लासिकल-लैंग्वेज की मान्यता मिलने के बाद अब इस विश्वविद्यालय के प्राकृतभाषा विभाग को इसका केन्द्र बनाये जाने की मांग की और इसे क्रियान्वित किये जाने पर जोर दिया। प्रो. देवीप्रसाद त्रिपाठी जी ने संस्कृत के साथ प्राकृतभाषा का चिरन्तन-साथ एवं महती-भूमिका को रेखांकित करते हुए प्राकृतभाषा और इसके साहित्य का अप्रतिम योगदान भारतीय ज्ञान-परम्परा में प्रतिपादित किया। कार्यशाला के संयोजक एवं निदेशक प्रो. सुदीप कुमार जैन ने इस कार्यशाला के संकल्प से लेकर सम्पूर्ति-समारोह तक की गौरवयात्रा का प्रभावी-प्रस्तुतीकरण किया। कार्यक्रम में विशिष्टातिथि के रूप में सन्तोष श्रीवास्तव, सुनील डेलीवाला (दुबई), देवेश गुप्ता (डीयू), वैभव बजाज, अमित जैन, सुशील सेठी आदि उपस्थित रहे।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox