प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान योजना के दायरे में कटौती, अब इन बीमारियों का नहीं मिलेगा मुफ्त इलाज

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प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान योजना के दायरे में कटौती, अब इन बीमारियों का नहीं मिलेगा मुफ्त इलाज

अनीशा चौहान/-  आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य बीमा योजना है, जिसके तहत देश के गरीब और कमजोर वर्ग के परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाती है। हालांकि, समय-समय पर योजना के नियमों और कवर की जाने वाली बीमारियों की सूची में बदलाव किए जाते हैं। बता दें, 2025 में आयुष्मान कार्ड के नियमों में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, विशेष रूप से प्राइवेट अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सुविधा को लेकर।

आयुष्मान कार्ड के नए नियम
मालूम हो कि आयुष्मान भारत योजना के तहत पहले 1,760 से अधिक बीमारियों का इलाज प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में मुफ्त उपलब्ध था। लेकिन नए नियम के तहत कुछ बीमारियों को प्राइवेट अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सूची से हटा दिया गया है। यह फैसला इसलिए लिया गया है, क्योंकि इन बीमारियों का इलाज सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त रूप से उपलब्ध है। इस बदलाव का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना और संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है। नए नियमों के अनुसार, प्राइवेट अस्पतालों में मुफ्त इलाज अब केवल गंभीर और जटिल बीमारियों के लिए उपलब्ध होगा। वहीं, सामान्य और प्राथमिक स्तर की बीमारियों का इलाज अब केवल सरकारी अस्पतालों में ही मुफ्त होगा।

प्राइवेट अस्पतालों में मुफ्त इलाज से हटाई गई बीमारियां
गौरतलब है कि साल 2021 में सरकार ने 196 बीमारियों को प्राइवेट अस्पतालों में मुफ्त इलाज की सूची से हटाने का फैसला लिया था और अब 2025 में इस नीति को और सख्ती से लागू किया गया है। मलेरिया, मोतियाबिंद (Cataract), पाइल्स (बवासीर) जैसी कई बीमारियों का इलाज अब प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड के तहत मुफ्त नहीं होगा। इनके अलावा कॉस्मेटिक सर्जरी, फर्टिलिटी ट्रीटमेंट, वैक्सीनेशन, और इम्यूनाइजेशन जैसी प्रक्रियाएं पहले से ही आयुष्मान योजना के दायरे से बाहर थीं और यह नीति 2025 में भी जारी है।

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