प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घाना का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत-घाना संबंधों को मिली नई ऊंचाई

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April 15, 2026

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घाना का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत-घाना संबंधों को मिली नई ऊंचाई

अकरा/घाना/अनीशा चौहान/- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक घाना यात्रा के दौरान उन्हें घाना का सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘द ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा द्वारा पीएम मोदी को उनकी विशिष्ट राजनेता छवि और प्रभावशाली वैश्विक नेतृत्व के लिए प्रदान किया गया। यह पिछले तीन दशकों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री की घाना की पहली द्विपक्षीय यात्रा रही, जिसने दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों को नई मजबूती दी है।

घाना में मिला सर्वोच्च नागरिक सम्मान
अकरा स्थित राष्ट्रपति भवन ज्युबिली हाऊस में आयोजित भव्य राजकीय भोज के दौरान राष्ट्रपति महामा ने पीएम मोदी को यह सम्मान प्रदान किया। अपने स्वीकृति भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने इसे 140 करोड़ भारतीयों की ओर से स्वीकार किया और इसे भारत की सांस्कृतिक विविधता, युवाओं की आकांक्षाओं और भारत-घाना मित्रता को समर्पित बताया। उन्होंने घाना की सरकार और वहां के नागरिकों का आभार जताते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए एक नई जिम्मेदारी है, जो उन्हें भारत और घाना के रिश्तों को और प्रगाढ़ करने के लिए प्रेरित करता है।

भारत-घाना के बीच हुए चार अहम समझौते
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा ने भारत और घाना के संबंधों को एक ‘व्यापक साझेदारी’ (Comprehensive Partnership) का दर्जा प्रदान किया। अकरा में राष्ट्रपति महामा के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद दोनों देशों ने चार महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए:

1. सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम (CEP):
यह समझौता दोनों देशों के बीच कला, संगीत, नृत्य और परंपराओं के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करेगा, जिससे सांस्कृतिक रिश्ते और गहरे होंगे।

2. मानकीकरण और प्रमाणन:
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) और घाना मानक प्राधिकरण (GSA) के बीच यह समझौता उद्योगों की गुणवत्ता, सुरक्षा और मानकों को बेहतर बनाने में सहयोग करेगा।

3. पारंपरिक चिकित्सा और आयुर्वेद:
भारत का आयुर्वेद शिक्षण और अनुसंधान संस्थान (ITRA) और घाना का पारंपरिक और वैकल्पिक चिकित्सा संस्थान (ITAM) मिलकर पारंपरिक चिकित्सा, शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देंगे।

4. संस्थागत संवाद:
यह समझौता दोनों देशों के बीच नियमित संवाद और नीति-निर्माण सहयोग को सुदृढ़ करेगा, जिससे रणनीतिक और आर्थिक संबंध और गहरे होंगे।

ऐतिहासिक यात्रा, मजबूत साझेदारी
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा भारत-घाना संबंधों के इतिहास में एक मील का पत्थर साबित हुई है। इसने दोनों देशों को सिर्फ राजनीतिक और आर्थिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और मानवता के स्तर पर भी जोड़ने का कार्य किया है। यह सम्मान और सहयोग समझौते भविष्य में भारत और घाना के रिश्तों को नई दिशा और गहराई देंगे।

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