प्रदूषण के चलते 5 साल कम हुई दिल्लीवालों की उम्र, रिपोर्ट में हुए कई चौंकाने वाले खुलासे

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

September 2026
M T W T F S S
 123456
78910111213
14151617181920
21222324252627
282930  
September 8, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

प्रदूषण के चलते 5 साल कम हुई दिल्लीवालों की उम्र, रिपोर्ट में हुए कई चौंकाने वाले खुलासे

मानसी शर्मा /-   इन दिनों राजधानी दिल्ली गैस चैंबर बनी हुई है। दिवाली के बाद से राज्य में प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है। इस प्रदूषण से न सिर्फ खांसी, जुकाम की समस्या से लोग परेशान हैं बल्कि उनकी औसत उम्र भी कम होती जा रही है। ये दावा इंडियन चेस्ट सोसाइटी के उत्तरी जोन के चेयरमैन डॉ. जीसी खिलनानी ने किया है।

प्रदूषण से लोगों की उम्र हुई कम

डॉ. जीसी खिलनानी ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि प्रदूषण के कारण दिल्ली के लोगों की औसत उम्र 11.9 वर्ष उम्र कम हो जाती है। पिछले साल अक्टूबर में शिकागो में हुए एक शोध से इस बात की पुष्टि की गई है।

उन्होंने आगे कहा कि प्रदूषण बढ़ने से फेफड़ा प्रभावित होता है। ये कैंसर का कारण भी बन रहा है। फेफड़े के कैंसर से पीड़ित करीब 40 प्रतिशत मरीज ऐसे होते हैं, जो धूमपान नहीं करते। प्रदूषण बढ़ने पर अल्ट्राफाइन पार्टिकल की निगरानी नहीं होती। बढ़ता प्रदूषण शरीर के महत्वपूर्ण अंगों को नुकसान पहुंचता है। इससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक, यूरिनरी ट्रैक संक्रमण, डिमेंशिया, गर्भपात की समस्या हो सकती है। इसके अलावा से गर्भावस्था के समय शिशुओं के विकास को प्रभावित करता है।

क्या है प्रदूषण का असली कारण?

पराली जलाने के मामले में डॉ. जीसी खिलनानी ने कहा कि पराली थोड़े दिन जलती है। लेकिन वाहनों के उत्सर्जन, सड़कों पर धूल, निर्माणाधीन स्थलों के पास धूल उड़ने का सिलसिला सालों साल रहता है। वहीं, साल 2016 में IITकानपुर ने शोध कर प्रदूषण नियंत्रण के लिए 6-7 उपाय बताए थे।

इसके लिए सड़कों को सालभर महीने में 4 बार पानी से धोए। महीने में 4 बार वैक्यूम क्लीनर से सफाई करें, सड़कों के किनारे हरियाली विकसित करें। इसी के साथ कूड़ा न जलाए, थर्मल पावर प्लांट से उत्सर्जन कम करने के लिए अत्याधुनिक उपकरण लगाने की सलाह दी गई थी। सोसाइटी का कहना है कि प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए सालभर काम नहीं होता, लेकिन साल के अंत के 3 महिनें आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला शुरु हो जाता है।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox