पेरिस ओलंपिक: भारतीय हॉकी टीम के पास इतिहास रचने का मौका

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पेरिस ओलंपिक: भारतीय हॉकी टीम के पास इतिहास रचने का मौका

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- पेरिस ओलंपिक में मंगलवार का दिन भारत के लिए काफी अहम होने वाला है। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 2020 टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीत कर 40 सालों का सूखा खत्म किया था। अब भारतीय हॉकी टीम के पास इतिहास रचने का मौका है। मंगलवार को रात 10:30 बजे से भारत और जर्मनी के बीच सेमीफाइनल मुकाबला खेला जाना है। अगर भारत इस मैच को जीत लेता है तो वह फाइनल में पहुंच जाएगा, जहां उसके पास हॉकी में स्वर्ण पदक जीतने का मौका होगा। बता दें, भारत ने साल 1980 में अंतिम बार हॉकी में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था। इसके बाद 40 सालों तक हॉकी में भारत एक भी मेडल नहीं जीत पाई। हालांकि, इस ओलंपिक में भारत का प्रदर्शन देखकर यह उम्मीद लगाई जा सकती है कि 44 सालों का स्वर्ण पदक का सूखा पेरिस ओलंपिक में खत्म हो जाएगा।

पेरिस ओलंपिक में कैसा रहा है सफर?

पेरिस ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम का सफर शानदार रहा है। भारत ने कुल 5 में से 3 मैच जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया है। वहीं, भारत को 1 मैच में हार मिली है और एक मैच ड्रा हुआ था। भारत ने अपने पिछले मैच में ही अपना दम दिखाया था। ग्रेट ब्रिटेन को भारत ने शूटआउट में हराकर सेमीफाइनल में पहुंचा था। इस मैच में ब्रिटेन ने कुल 28 बार गोल करने की कोशिश की और दस बार पेनल्टी कॉर्नर बनाए, लेकिन उन्हें महज एक सफलता मिली। भारतीय गोलकीपर श्रीजेश ने शानदार बचाव किया। गौरतलब है कि 36 वर्षीय श्रीजेश का यह अंतिम ओलंपिक है। ऐसे में सभी खिलाड़ी उन्हें स्वर्ण पदक के साथ यादगार विदाई देना चाहते हैं। हालांकि, पिछले मैच में रेड कार्ड मिलने के बाद रोहित दास सेमीफाइनल नहीं खेल पाएंगे। यानी भारत को जर्मनी के खिलाफ अपने नंबर एक फर्स्ट रशर के बिना ही खेलना होगा। सेमीफाइनल में अतिरिक्त दबाव कप्तान हरमनप्रीत पर रहेगा।

जर्मनी से जीतना नहीं होगा आसान

मौजूदा विश्व चैंपियन और चार बार की ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता जर्मनी और भारत के बीच सेमीफाइनल खेला जाएगा। इन दोनों के बीच कोई बड़ा अंतर नहीं है। अगर हम विश्व रैंकिंग की बात करें तो जर्मनी जहां चौथे नंबर पर है, वहीं भारत पांचवें नंबर पर काबिज है। टोक्यो ओलंपिक में भी भारत और जर्मनी के बीच कांस्य पदक के लिए मुकाबला खेला गया था, जिसमें भारत ने जर्मनी को 3-2 से मात दी थी। पेरिस ओलंपिक से पहले ही भारत और जर्मनी ने कुल 6 मैच खेले थे, जिसमें भारत को पांच मैचों में जीत मिली थी। वहीं, इस ओलंपिक की बात करें तो जर्मनी पांच में चार मैच जीतकर पूल ए में टॉप पर बना हुआ है। वहीं, भारत पूल बी में तीन मैच जीतकर दूसरे स्थान पर है।

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