हरियाणा/उमा सक्सेना/- हरियाणा की सियासत में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। सिरसा से पूर्व सांसद चरणजीत सिंह रोड़ी ने कांग्रेस पार्टी से नाता तोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सदस्यता ग्रहण कर ली है। उनके इस कदम को प्रदेश की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि आने वाले चुनावों में इसका सीधा असर देखने को मिल सकता है।
भाजपा की नीतियों से प्रभावित होकर लिया फैसला
सदस्यता ग्रहण करने के बाद रोड़ी ने कहा कि भाजपा की विचारधारा, नेतृत्व और विकास के विज़न ने उन्हें प्रभावित किया है। उन्होंने साफ किया कि वह प्रदेश और क्षेत्र की जनता की सेवा के लिए भाजपा को सबसे उपयुक्त मंच मानते हैं। वहीं, भाजपा नेताओं ने रोड़ी का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए भरोसा जताया कि उनके अनुभव और लोकप्रियता से पार्टी को और मजबूती मिलेगी।
कांग्रेस खेमे में मायूसी
रोड़ी के इस निर्णय से कांग्रेस खेमे में निराशा का माहौल है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि सिरसा जैसे महत्वपूर्ण संसदीय क्षेत्र में कांग्रेस को यह कदम बड़ा झटका साबित हो सकता है। खासकर तब, जब प्रदेश में चुनावी सरगर्मियां तेज़ हो चुकी हैं और राजनीतिक दल संगठन मज़बूत करने में जुटे हुए हैं।
रोड़ी का राजनीतिक सफर
गौरतलब है कि चरणजीत सिंह रोड़ी ने वर्ष 2014 में इनेलो के टिकट पर सिरसा लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था और कांग्रेस प्रत्याशी अशोक तंवर को करीब 1 लाख 15 हजार से अधिक वोटों से शिकस्त दी थी। बाद में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। अब दोबारा भाजपा से जुड़कर उन्होंने अपने राजनीतिक सफर में नया अध्याय जोड़ दिया है।
समीकरणों पर पड़ेगा असर
विश्लेषकों का मानना है कि रोड़ी का भाजपा में शामिल होना सिर्फ सिरसा ही नहीं बल्कि आसपास के जिलों के चुनावी समीकरणों को भी प्रभावित करेगा। पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी और कांग्रेस को यहां अपनी रणनीति नए सिरे से बनानी होगी।


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