मानसी शर्मा /- पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि पीएम मोदी ने संविधान के प्रति जन-चेतना जगाई है। कोविंद ‘नए भारत का सामवेद’ नामक किताब के विमोचन से संबंधित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह एक मौलिक संग्रह है, जिसमें पीएम मोदी के प्रभावशाली भाषणों पर प्रकाश डाला गया है। जो देश के संविधान में निहित मूल-सार और मूल्यों को रेखांकित करता हैं।
कोविंद ने क्या कहा?
लोगों की आकांक्षा के अनुरूप एक संविधान के महात्मा गांधी के दृष्टिकोण का हवाला देते हुए कोविंद ने वर्तमान स्थिति से तुलना की और कहा कि आज संविधान एक उभरते राष्ट्र की आकांक्षाओं को प्रतिध्वनित करता है। और हमें प्रगति की ओर प्रेरित करता है।
पूर्व राष्ट्रपति ने भारत के संविधान की सराहना की
जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को समाप्त करने का जिक्र करते हुए कोविंद ने कहा कि यह संवैधानिक सिद्धांतों के अनुरूप है। पूर्व राष्ट्रपति ने भारत के संविधान की सराहना की, जो न्यायपालिका, कार्यपालिका और प्रत्येक नागरिक का सटीक मार्गदर्शन करता है। कोविंद ने संविधान के बारे में जनता में चेतना जगाने, एकता और उद्देश्य के साथ आगे बढ़ने वाले राष्ट्र के सार को समाहित करने का श्रेय मोदी को दिया। इस अवसर पर संस्कृति और विदेश राज्य मंत्री मीनाक्षी लेखी, आईजीएनसीए के अध्यक्ष रामबहादुर राय, आईजीएनसीए के सदस्य सचिव सच्चिदानंद जोशी भी उपस्थित थे।
एक पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम को किया संबोधित
पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ‘नए भारत का सामवेद’ नामक पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम को संबोधित किया। लोगों की आकांक्षा के अनुरूप एक संविधान के महात्मा गांधी के दृष्टिकोण का हवाला देते हुए कोविंद ने वर्तमान स्थिति से तुलना की और कहा कि आज संविधान एक उभरते राष्ट्र की आकांक्षाओं को प्रतिध्वनित करता है, और हमें प्रगति की ओर प्रेरित करता है।


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