पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में दिखाई चिंता, दिया ‘गर्व से कहो ये स्वदेशी है’ का संदेश

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July 26, 2026

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पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में दिखाई चिंता, दिया ‘गर्व से कहो ये स्वदेशी है’ का संदेश

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में देशवासियों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं से हुई तबाही पर गहरी चिंता जताई और प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। पीएम मोदी ने कहा कि इस मानसून सीजन में बाढ़ और भूस्खलन ने देश को कठिन परीक्षा दी है। कई राज्यों में घर-खेत जलमग्न हुए, पुल और सड़कें बह गईं तथा अनेक परिवारों ने अपने प्रियजनों को खोया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में देश की एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत है।

‘वोकल फॉर लोकल’ को दी नई गति

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने एक बार फिर ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को बढ़ावा दिया। उन्होंने लोगों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि यह केवल अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का साधन नहीं, बल्कि स्थानीय कारीगरों और छोटे दुकानदारों को भी लाभ पहुंचाने वाला कदम है। पीएम मोदी ने बताया कि ‘मेक इन इंडिया’ के दस साल पूरे होने के बाद भारत मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है।

‘गर्व से कहो ये स्वदेशी है’

प्रधानमंत्री ने ‘गर्व से कहो ये स्वदेशी है’ का नारा देते हुए कहा कि यह केवल एक स्लोगन नहीं, बल्कि हर भारतीय की संस्कृति और कारीगरी से जुड़ी भावना है। उन्होंने ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ योजना का जिक्र किया और कहा कि इस पहल से स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान मिल रही है। उत्तर प्रदेश की चंदेरी साड़ी, गुजरात की कच्छी कढ़ाई और तमिलनाडु का कांजीवरम सिल्क जैसे पारंपरिक उत्पाद अब पूरी दुनिया में अपनी छाप छोड़ रहे हैं।

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