पीएम मोदीःके मालदीव दौरे से दोनों देशों के रिश्तों में आई गर्माहट

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पीएम मोदीःके मालदीव दौरे से दोनों देशों के रिश्तों में आई गर्माहट

- पीएम मोदी ने किया रक्षा मंत्रालय भवन का उद्घाटन, दोस्ती और समुद्री सुरक्षा पर जोर

नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- भारत-मालदीव संबंधों का नया दौर शुरू हो गया है। मालदीव में पीएम मोदी का गर्मजोशी भरा भव्य स्वागत  किया गया। मालदीव के रक्षा मंत्रालय भवन पर उनकी विशाल तस्वीर लगाई गई, और शहर में जगह-जगह “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गर्मजोशी भरा स्वागत“ जैसे संदेश प्रदर्शित किए गए। बच्चे उनके चित्रों और पेंटिंग्स के साथ सड़कों पर दिखे। यह दौरा मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू के कार्यकाल में किसी विदेशी सरकार के प्रमुख का पहला दौरा है। हालांकि पिछले साल मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू के ’इंडिया आउट’ अभियान के कारण दोनों देशों के बीच तनाव देखा गया था।

हालांकि, अक्टूबर 2024 में मुइज्जू के भारत दौरे और अब पीएम मोदी के मालदीव दौरे ने रिश्तों में नई गर्मजोशी ला दी है। मुइज्जू ने भारत की वित्तीय सहायता, जैसे 100 मिलियन डॉलर की ट्रेजरी बिल रोलओवर और 400 मिलियन डॉलर की करेंसी स्वैप संधि, के लिए आभार जताया। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  25 जुलाई 2025 को मालदीव की राजधानी माले में रक्षा मंत्रालय के नए भवन का उद्घाटन किया। इस मौके पर मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पीएम मोदी ने भारत-मालदीव के बीच गहरे रिश्तों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि यह भवन न केवल एक इमारत है, बल्कि दोनों देशों के बीच पारस्परिक विश्वास और मजबूत साझेदारी का प्रतीक है।

रक्षा मंत्रालय भवन का उद्घाटन
पीएम मोदी ने मालदीव की 60वीं स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया और दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की बात कही। आइए इस दौरे और इसके महत्व को समझते हैं।रक्षा मंत्रालय भवन का उद्घाटनप्रधानमंत्री मोदी ने माले में भारत की सहायता से निर्मित आधुनिक रक्षा मंत्रालय भवन का उद्घाटन किया।

विकास में सहायता देने का वादा
उन्होंने कहा, “रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में हमारा आपसी सहयोग हमारे विश्वास का प्रतीक है। यह भवन हमारी मजबूत साझेदारी का ठोस प्रतीक है।“ यह भवन मालदीव की रक्षा क्षमता को बढ़ाने में मदद करेगा और दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को और मजबूत करेगा। भारत ने मालदीव राष्ट्रीय रक्षा बल और मालदीव पुलिस सेवा के लिए प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे के विकास में भी सहायता देने का वादा किया है।

’सबसे भरोसेमंद दोस्त’
पीएम मोदी ने मालदीव को भारत की ’नेबरहुड फर्स्ट’ नीति और महासागर दृष्टिकोण का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा, “भारत को मालदीव का सबसे भरोसेमंद दोस्त होने पर गर्व है। संकट के समय भारत हमेशा मालदीव के साथ खड़ा रहा है।“ इस साल दोनों देश अपनी कूटनीतिक संबंधों की 60वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। इस अवसर पर दोनों देशों के पारंपरिक नावों को दर्शाने वाले स्मारक डाक टिकट भी जारी किए गए, जो यह दर्शाते हैं कि दोनों देश न केवल पड़ोसी हैं, बल्कि एक साझा यात्रा के सहयात्री भी हैं।

पीएम मोदी का बयान
समुद्री सुरक्षा और कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव में पीएम मोदी ने कहा, “भारत और मालदीव का साझा लक्ष्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि है।“ दोनों देश कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव के माध्यम से क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को मजबूत करेंगे। इस कॉन्क्लेव में भारत, मालदीव, श्रीलंका और मॉरीशस शामिल हैं, जो समुद्री डकैती, अवैध मछली पकड़ने और अन्य समुद्री खतरों से निपटने के लिए मिलकर काम करते हैं। भारत मालदीव को रडार सिस्टम और तटीय सुरक्षा उपकरण प्रदान करेगा ताकि समुद्री निगरानी और आपदा प्रतिक्रिया में सुधार हो।

वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड
जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जामालदीव और भारत दोनों ही जलवायु परिवर्तन से प्रभावित देश हैं। पीएम मोदी ने कहा, “जलवायु परिवर्तन हम दोनों के लिए एक बड़ी चुनौती है। हमने नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने का फैसला किया है, और इस क्षेत्र में भारत अपने अनुभव मालदीव के साथ साझा करेगा।“ दोनों देश सौर ऊर्जा और ऊर्जा दक्षता परियोजनाओं पर सहयोग करेंगे ताकि मालदीव अपने राष्ट्रीय निर्धारित योगदान लक्ष्यों को प्राप्त कर सके। भारत मालदीव को ’वन सन, वन वर्ल्ड, वन ग्रिड’ पहल में शामिल होने के लिए भी सहायता देगा।

’अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर’
आर्थिक और बुनियादी ढांचा सहयोगपीएम मोदी ने मालदीव को 565 मिलियन अमेरिकी डॉलर की लाइन ऑफ क्रेडिट (स्वब्) देने की घोषणा की। इसके अलावा, दोनों देश मुक्त व्यापार समझौता और द्विपक्षीय निवेश संधि पर बातचीत कर रहे हैं ताकि व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिले। भारत ने मालदीव में 4000 सामाजिक आवास इकाइयों के निर्माण में भी मदद की है, जो कई परिवारों के लिए नया घर बनेंगी। ग्रेटर माले कनेक्टिविटी परियोजना जैसे बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट मालदीव की अर्थव्यवस्था के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकते हैं।

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