इस्लामाबाद/गाजा/शिव कुमार यादव/- गाजा में हमास को पूरी तरह से खत्म करने में जुटी इजराइली सेना को रोकने के लिए हमास अब पाकिस्तान के सामने गिड़गिड़ा रहा है। हमास ने पाकिस्तान से इजरायल को धमकाने का अनुरोध किया है। हमास का कहना है कि अगर परमाणु हथियारों से लैस पाकिस्तान धमकी दे तो इजरायल गाजा पट्टी पर हमला रोक सकता है।
हमास ने यह अनुरोध पिछले हफ्ते पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में इस्लामी विद्वानों के साथ एक बैठक के दौरान किया। हमास के इस बयान की पाकिस्तान में काफी चर्चा है, लेकिन अनवारुल हक काकर की कार्यवाहक सरकार ने अब तक इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है। पाकिस्तान ने गाजा पर हमले की सिर्फ निंदा ही की है। अभी तक पाकिस्तान ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है, जिसे आक्रामक माना जा सके। हालांकि, इससे पहले जितनी बाद फिलिस्तीन संघर्ष ने सुर्खियां बटोरी हैं, उतनी बार पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं।

पाकिस्तान पहुंचा था हमास सरगना
मिडिल ईस्ट मीडिया रिसर्च इंस्टीट्यूट के अनुसार, “अल-अक्सा मस्जिद की पवित्रता और इस्लामी उम्माह की ज़िम्मेदारी“ शीर्षक वाला सम्मेलन इस्लामी धार्मिक संगठनों का एक नेटवर्क पाकिस्तान उम्माह यूनिटी असेंबली ने आयोजित किया था। इस सम्मेलन को हमास के शीर्ष नेता इस्माइल हानिया ने भी संबोधित किया। उसने परमाणु-सशस्त्र पाकिस्तान से इजरायल हमास युद्ध में अधिक मजबूत भूमिका निभाने का आह्वान किया। हानिया ने कहा, “पाकिस्तान एक मजबूत देश है। अगर पाकिस्तान इजरायल को धमकी दे तो युद्ध रुक सकता है।“ “हमें पाकिस्तान से बहुत उम्मीदें हैं। पाकिस्तान इजरायल को पीछे हटने के लिए मजबूर कर सकता है।“
पाकिस्तान एक मजबूत देश है। अगर पाकिस्तान इजरायल को धमकी दे तो युद्ध रुक सकता है। हमें पाकिस्तान से बहुत उम्मीदें हैं पाकिस्तान इजरायल को पीछे हटने के लिए मजबूर कर सकता है।- इस्माइल हानिया
यहूदियों को बताया मुसलमानों का दुश्मन
हानिया ने यहूदियों को “दुनिया में मुसलमानों का सबसे बड़ा दुश्मन“ माना। उसने कहा, “इस युद्ध में हमारे 20,000 बच्चे, महिलाएं और पुरुष शहीद हुए हैं।“ “इस समय हम इजरायल के सबसे आधुनिक हथियारों को नष्ट कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि हम सफल होंगे।“ इस सम्मेलन में हमास नेता नाजी ज़ुहैर भी शामिल हुआ, जो हाल के हफ्तों में पाकिस्तान में था। सम्मेलन में उपस्थित लोगों ने हमास लड़ाकों को “रक्षात्मक जिहाद“ छेड़ने वाली “राजनीतिक ताकत“ के रूप में मान्यता दी।
हमास के हमले के बाद से जारी है युद्ध
यह सम्मेलन हमास के दक्षिणी इजरायल पर किए गए हमले के ठीक दो महीने बाद हुआ, जिसमें लगभग 1,200 लोग मारे गए, जिनमें ज्यादातर नागरिक थे। हमास ने कई इजरायली बंधकों को पकड़ लिया था और उन्हें अपने साथ गाजा लेकर गए हैं। हमास के नियंत्रण वाले गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायल के हमले में 18,700 से अधिक फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जो लड़ाकों और नागरिकों के बीच अंतर नहीं करता है। हमास ने नवंबर में एक संक्षिप्त संघर्ष विराम के दौरान कई फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई के बदले में 7 अक्टूबर को पकड़े गए 240 से अधिक बंधकों में से 100 से अधिक को रिहा कर दिया। मुक्त कराए गए लगभग सभी लोग महिलाएं और नाबालिग हैं।


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