मानसी शर्मा / – पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान (Imran Khan) की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सैन्य ठिकानों पर हमला मामले में सौ लोगों पर पहले ही मुकदमे चल चुके हैं। इस केस में सजा सुनाए जाने की दर 90 प्रतिशत है। कई मामलों में उन्हें सजा सुनाई जा चुकी है। अब खबर है कि पाकिस्तान (Pakistan) की सेना उन्हें 9 मई की हिंसा में सजा सुनाएगी। पाकिस्तान आर्मी एक्ट में दोषी को फांसी भी लग सकती है।
पाकिस्तान के पूर्व पीएम इमरान खान कई मामलों में जेल में बंद हैं। पाकिस्तानी अदालतों द्वारा ताबड़तोड़ दोषी ठहराए जा रहे है। अब उनकी मुश्किलें और भी बढ़ने वाली हैं। 71 वर्षीय इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद पाकिस्तान में 9 मई की हिंसा हुई थी। इस दौरान सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले हुए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले में भी इमरान खान मास्टरमाइंड के रूप में उभरे हैं। चश्मदीदों के बयान के आधार पर इमरान की मुश्किल बढ़ सकती है।
सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले के मास्टरमाइंड
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में आम चुनावों से ठीक पहले एक तरफ जहां कुल 4 मामलों में इमरान खान को अब तक कुल 34 साल की जेल हो चुकी है, वहीं देश के खिलाफ षडयंत्र रचने और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमले के मास्टरमाइंड के रूप में स्थापित किया जा रहा है। निश्चित तौर पर इसका असर चुनावों पर पड़ सकता है। पिछले साल 9 मई को पीटीआई कार्यकर्ताओं ने जिन्ना हाउस (लाहौर कोर कमांडर हाउस), मियांवाली एयरबेस और फैसलाबाद में आईएसआई बिल्डिंग समेत एक दर्जन सैन्य प्रतिष्ठानों पर तोड़फोड़ की थी। इतना ही नहीं रावलपिंडी में सेना के मुख्यालय पर भी हमले हुए थे।
लेकिन खान दावा करते रहे हैं कि सेना के ठिकानों पर हमला लंदन एग्रीमेंट का हिस्सा था। इमरान खान पूर्व पीएम नवाज शरीफ को सेना की ओर से एक बार फिर सत्ता में लाने के प्रयास को लंदन एग्रीमेंट कहते रहे हैं। उनका आरोप है कि पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज प्रमुख नवाज शरीफ को शक्तिशाली पाकिस्तानी सेना का समर्थन प्राप्त है।
कई मामलों में हो चुकी सजा
आपको बता दें कि सैन्य ठिकानों (Military Bases) पर हमला मामले में 100 लोगों पर पहले ही मुकदमे चल चुके हैं। इस केस में आरोपियों को सजा सुनाये जाने की दर 90 फीसदी है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने सैन्य अदालतों को फैसला सुनाने पर पाबंदी लगा रखी है। अगर इमरान खान पर इस मामले में सैन्य अदालत कार्रवाई करती है तो इस बात की आशंका ज्यादा है कि उन्हें फांसी की सजा सुनाई जाए क्योंकि पाकिस्तान में ऐसा इतिहास रहा है कि जो भी शख्स पाकिस्तानी सेना को चुनौती देता है, वह ज्यादा दिन नहीं बच पाता है। पाकिस्तान आर्मी एक्ट की धारा- 59 में दोषी पाए गए शख्स को सजा-ए-मौत सुनाई जा सकती है। इस धारा का इस्तेमाल असैन्य अपराधों के लिए किया जाता है।
पाकिस्तान के आर्मी एक्ट के क्लॉज डी की उपधारा-1 में उन लोगों पर मुकदमा चलता है जो पाकिस्तान के खिलाफ जंग छेड़ते हैं। देश के खिलाफ हथियार उठाने और सुरक्षाबलों पर हमला करना भी इसमें आता है।


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