पांच राज्यों के चुनावों में घोषणा पत्र पर भारी पड़ रहा सुरती, सोना, पव्वा, कैश…

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पांच राज्यों के चुनावों में घोषणा पत्र पर भारी पड़ रहा सुरती, सोना, पव्वा, कैश…

-इनकम टैक्स विभाग ने किया खुलासा, 1000 करोड़ नकदी व दूसरी चीजें की बरामद

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव हो रहा है। इस चुनाव की सरगर्मी के बीच विभिन्न राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने के अपने-अपने घोषणा पत्र जारी कर बड़े-बड़े वादे व सपने दिखा रहे हैं। वही राजनीतिक दलों के नेता व प्रत्याशी मतदाताओं को लुभाने के लिए घोषणा पत्र से अलग दूसरी तैयारियों में जुटे हैं। प्रत्याशी मतदाताओं से बड़े-बड़े वादे तो कर ही रहे है साथ ही उन्हें सोने के सिक्के से लेकर नकदी, शराब की बोतल (पव्वा) और खैनी या सुरती और गांजे की पुड़िया तक बांटी जा रही है। यह खुलासा इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों ने किया है। अधिकारी इन चुनावों में अभी तक करीब 1000 करोड़ रूपये की नकदी व दूसरी चीजें बरामद कर चुके हैं। हालांकि इन राज्यों में शांतिपूर्ण व निष्पक्ष चुनावों के लिए केंद्र सरकार से लेकर राज्य सरकार की दूसरी एजेंसियां पूरी तरह से सक्रिय हैं लेकिन फिर भी राजनीतिक पार्टियों के घोषणा पत्रों पर प्रत्याशियों का सुरती, सोना, पव्वा, कैश का दांव भारी पड़ता दिखाई दे रहा है।
          इस समय छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में विधान सभा चुनाव हो रहे हैं। वहां इनकम टैक्स के भी अधिकारी सक्रिय हैं और बड़े पैमाने पर नकदी, शराब की बोतलें, सोने के सिक्के, खैनी और गांजे की पुड़िया आदि बरामद कर रहे हैं।

इनकम टैक्स विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर बताया कि पहले तो सिर्फ नकदी ही बरामद होती थी। इस बार तो अजीब-अजीब चीजें बरामद हो रही हैं। उन्होंने मिजोरम के एक विधानसभा क्षेत्र का जिक्र करते हुए बताया कि वहां कई बोरी सरैसा खैनी बरामद की गई। सरैसा खैनी का उत्पादन बिहार के समस्तीपुर इलाके में होता है। खैनी के कद्रदां के बीच इसकी काफी पूछ होती है। यह आम सुरती या तंबाकू से महंगा भी बिकता है। तभी तो इसे वोटरों के बीच बांटने के लिए बिहार से पूर्वोत्तर तक ले जाया गया था। तेलंगाना में गांजे की पुड़िया बरामद की गई हैं। मतलब कि वहां के लौग खैनी नहीं बल्कि गांजे के ज्यादा शौकीन हैं।
          विभागीय अधिकारी बताते हैं कि इस बार विधानसभा चुनाव के दौरान तो कुछ ज्यादा ही नकदी बरामद हो रही है। अभी तक पांचों राज्यों में 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी बरामद हो चकी है। वह बताते हैं कि चुनाव के वक्त कैश के साथ साथ सोने का सिक्का, शराब की बोतलों आदि का भी उपयोग मतदाताओं को लुभाने में हो रहा है। राजस्थान का जिक्र करते हुए बताया कि एक स्थान पर कई किलो सोने के सिक्के पकड़े गए। इन सिक्कों का वजन एक ग्राम ही था। एक ग्राम सोना का भी बाजार मूल्य करीब छह हजार रुपये है। जाहिर है कि जिस भी परिवार में एक सिक्का पहुंच गया, उनका वोट मिलना तो तय है।
          उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के जंगली इलाकों में इंडिया मेड फॉरेन लिकर (प्डथ्स्) की छोटी बोतलें खूब पकड़ी गई हैं। आम लोग शराब की इस पैकिंग को पव्वा कहते हैं। दरअसल, जिन इलाकों में ये बोतले पकड़ी गई हैं, उन इलाकों में लोग देशी शराब का ज्यादा सेवन करते हैं। जो लोग देशी शराब का सेवन करते हैं, उन्हें अंग्रेजी शराब की एक बोतल मिल जाए तो फिर क्या कहना। यही सोच कर सियासत करने वाली भी उसी हिसाब से तैयारी कर रहे हैं।

पांच राज्यों में हो रहा है विधान सभा चुनाव
इस समय छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं। इन राज्यों में बीते नौ अक्टूबर से ही मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू है। तभी से इनकम टैक्स विभाग के लोग भी सक्रिय हैं।

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