’पश्चिम एशिया की घटनाओं से हमारा एकजुट रहना जरूरी- पीएम मोदी

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 18, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

’पश्चिम एशिया की घटनाओं से हमारा एकजुट रहना जरूरी- पीएम मोदी

-वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ में बोले मोदी- पश्चिम एशिया में हुई घटनाओं से विश्व में उभर रहीं नई चुनौतियां,

नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- जी-20 की मेजबानी के बाद भारत की कूटनीति में ग्लोबल साउथ समिट काफी अहम माना जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दूसरी वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट का उद्घाटन किया। इस दौरान पीएम मोदी ने अपील करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में हुई घटनाओं से विश्व को नई चुनौतियां उभर रही है जिसे देखते हुए हमारा एकजुट रहना जरूरी है। इस दौरान उन्होंने ग्लोबल साउथ के देशों के लिए एक ग्लोबल केंद्र का उद्घाटन किया, जिसका नाम दक्षिण रखा। पीएम ने बताया कि इस केंद्र का प्रस्ताव उन्होंने वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट के पहले चरण यानी जनवरी में रखा था।
          प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दूसरे वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट के उद्घाटन सत्र में कहा, ’मैंने पहले सम्मेलन के दौरान ग्लोबल साउथ सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना का प्रस्ताव दिया था। मुझे खुशी है कि दक्षिण विकास और ज्ञान साझा करने की पहल ग्लोबल साउथ सेंटर फॉर एक्सीलेंस का आज उद्घाटन किया जा रहा है।’

दुनिया का सबसे अनूठा मंच
पीएम मोदी ने कहा कि वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ 21वीं सदी की बदलती हुई दुनिया का सबसे अनूठा मंच है। भौगोलिक रूप से ग्लोबल साउथ हमेशा से रहा है, लेकिन उसे इस प्रकार से आवाज पहली बार मिल रही है। ये हमारे साझा प्रयासों से हो पाया है। हम 100 से ज्यादा अलग-अलग देश हैं, लेकिन हमारे हित समान हैं, हमारी प्राथमिकताएं समान हैं।

जी-20 की अध्यक्षता संभाली
उन्होंने आगे कहा, ’पिछले साल दिसंबर में जब भारत ने जी-20 की अध्यक्षता संभाली तब हमने इसमें ग्लोबल साउथ के देशों की आवाज को आगे बढ़ाना अपनी प्राथमिकता मानीं। इसके साथ ही भारत मानता है कि नई टेक्नोलॉजी नॉर्थ और साउथ के बीच दूरियां बढ़ाने का नया स्त्रोत नहीं बनना चाहिए।’

बातचीत और कूटनीति पर जोर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ’हम सभी देख रहे हैं कि पश्चिम एशिया क्षेत्र की घटनाओं से नई चुनौतियां उभर रही हैं। भारत ने सात अक्तूबर को इस्राइल में हुए आतंकी हमले की निंदा की है। हमने संयम भी बरता है। हमने बातचीत और कूटनीति पर जोर दिया है। हम इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष में नागरिकों की मौत की भी कड़ी निंदा करते हैं। फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास से बात करने के बाद हमने फलस्तीन के लोगों को मानवीय सहायता भी भेजी है। यह वह समय है जब ग्लोबल साउथ के देशों को व्यापक वैश्विक भलाई के लिए एकजुट होना चाहिए।’

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox