पंचतत्व में विलीन हुए धरतीपुत्र मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव ने दी मुखाग्नि

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October 26, 2026

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पंचतत्व में विलीन हुए धरतीपुत्र मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव ने दी मुखाग्नि

-सैफई में मेला ग्राउंड में किया गया दाह-संस्कार, संभाले नहीं थम रही भीड़, कई बेहोश

सैफई/- इस दौर में समाजवादी राजनीति के सबसे बड़े स्तंभ और तीन बार यूपी के मुख्यमंत्री रहे ’धरतीपुत्र’ मुलायम सिंह यादव पंचतत्व में विलीन हो गए। सैफई में यादव परिवार की कोठी से करीब 500 मीटर दूर मेला ग्राउंड पर उनके पुत्र और उप्र के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उन्हें मुखाग्नि दी। इससे पूर्व राष्ट्रीय सम्मान के साथ तिरंगे में लाए गए उनके पार्थिव शरीर को मंत्रोच्चार के बीच वैदिक रीति से स्नान कराया गया। चंदन की चिता पर सोय लोहिया के शिष्य मुलायम के अंतिम दर्शन के लिए डेढ़ लाख से ज्यादा लोग सैफई पहुंचे। सभी अपने नेता के अंतिम दर्शन के लिए इतने उतावले हैं कि एक-दूसरे को धकेलकर आगे बढ़ने की होड़ मची हैं। वहीं रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, उप्र के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, उप्र सरकार में मंत्री जितिन प्रसाद, असीम अरुण, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर राव, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू आदि ने सैफई के लाल को अंतिम विदा दी।
              इससे पूर्व धरतीपुत्र के अंतिम दर्शन करने के लिए एक तरफ लाखों लोगों का हुजूम था तो दूसरी तरफ देशभर से वीआईपी भी उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए सैफई पहुंचे। ये सिलसिला सुबह से शुरू हुआ जो शाम तक चलता रहा। अंत्येष्टि से ठीक पहले अंतिम दर्शन के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, राकांपा के अध्यक्ष शरद पवार और अभिनेता अभिषेक बच्चन ने मुलायम सिंह के अंतिम दर्शन किए।


              सैफई में बारिश के बीच नेताजी के चाहने वालों के चेहरों पर दुख साफ झलक रहा था। समाजवादी विचारधारा के पुरोधा को तेलंगाना के सीएम के. चंद्रशेखर राव, राजस्थान के सीएम अशोक गहलौत और बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव सीधे अंत्येष्टि स्थल पहुंचे और नमन करने के बाद पुत्र अखिलेश यादव को ढांढस बंधाया।
              यूपी सरकार के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री राकेश सचान, जितिन प्रसाद, संजय निषाद और संजय सिंह ने नेताजी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। सांसद रीता बहुगुणा, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, राज्यमंत्री असीम अरुण और सांसद देवेंद्र सिंह भोले भी सैफई मेला ग्राउंड पहुंचे और नेताजी के अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत और राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी अंतिम दर्शन करने के लिए पहुंचे। राष्ट्रीय लोकदल के अध्यक्ष जयंत चौधरी ने भी अंतिम दर्शन किए। मेनका गांधी और उनके पुत्र वरुण गांधी ने भी सैफई पहुंचकर नेताजी के पार्थिव शरीर पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। भाजपा नेता किरीट सोमैया ने भी श्रद्धांजलि दी।

लोगों के सब्र का बांध टूटा तो रामगोपाल ने की मार्मिक अपील
श्रद्धाजंलि देने के लिए मंच तक न पहुंच पाने वाले लोगों के सब्र का बांध टूट गया और बैरिकेडिंग के नीचे और ऊपर से निकलकर मंच की तरफ बढ़ने लगे। यह देख कमिश्नर डॉ. राजशेखर के आग्रह पर प्रोफेसर रामगोपाल यादव ने माइक संभालकर लोगों से मार्मिक अपील की, लेकिन भीड़ अपने नेता के पास पहुंचने के लिए थम ही नहीं रही थी।

डी में भी घुस गए थे लोग, सैफई के सारे रास्ते ब्लॉक
पुलिस ने भारी सुरक्षा घेरा तैयार किया था मगर भी
ड़ इतनी बढ़ गई कि लोगों को संभाल पाना मुश्किल हो गया। मंच के सामने जो डी तैयार किया था, उसमें भी लोग घुस आए। उधर, सैफई आने वाले सारे मार्ग पूरी तरह चोक हो गए थे। सुबह 10 बजे तक 1 किलोमीटर दूर से ही कारों को रोका जा रहा था मगर बाद में यह दायरा 3 किलोमीटर तक पहुंच गया।

बेतहाशा भीड़ से पंडाल में बेहोश हुए लोग
लोगों में अपने नेताजी को आखिरी बार देखने की ऐसी लालसा थी कि पंडाल में लगे खंभे पर चढ़ गए। वहीं से फोटो खींचते रहे और वीडियो बनाते रहे। भीड़ बढ़ने से मची अफरा-तफरी और उमस से पंडाल में तीन-चार लोग बेहोश हो गए। आनन-फानन उन्हें एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।

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