नगर निकायों की लापरवाही पर जिलाधिकारी हुई सख्त 

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

August 2026
M T W T F S S
 12
3456789
10111213141516
17181920212223
24252627282930
31  
August 25, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

नगर निकायों की लापरवाही पर जिलाधिकारी हुई सख्त 

-गंगा संरक्षण समिति की बैठक में दी स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन को लेकर कड़ी चेतावनी

चमोली/अनिशा चौहान/-  जिलाधिकारी संदीप तिवारी की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला गंगा संरक्षण समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनपद चमोली के सभी नगर निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, सैनिटरी लैंडफिल साइट (एसएलएफ) और मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) की स्थिति की गहन समीक्षा की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य नदियों में कूड़ा और गंदे जल के प्रवाह को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम सुनिश्चित करना था।

बैठक में जिलाधिकारी ने नगर निकायों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे गंभीर विषयों में लापरवाही किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। गोपेश्वर नगर निकाय के अधिशाषी अधिकारी द्वारा एसएलएफ और कूड़ा प्रबंधन से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत न किए जाने पर जिलाधिकारी ने इसे घोर लापरवाही बताते हुए सचिव शहरी विकास को कार्रवाई हेतु संस्तुति भेजने के निर्देश दिए।

इसी क्रम में कर्णप्रयाग नगर निकाय से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन हेतु बनाए गए प्रस्ताव को शीघ्र तीन प्रतियों में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समयसीमा का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिलाधिकारी ने गैरसैंण के अधिशासी अधिकारी को 1 करोड़ 90 लाख रुपये की डीपीआर तत्काल प्रस्तुत करने और उपजिलाधिकारी को एमआरएफ सेंटर का निरीक्षण कर कार्य प्रगति की रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए।

उन्होंने कहा कि एसएलएफ और एमआरएफ केंद्रों के लिए आवंटित राजस्व भूमि का यदि निर्धारित कार्य के लिए उपयोग नहीं किया जा रहा है, तो संबंधित उपजिलाधिकारी भूमि को वापस लेने की कार्रवाई करें।

जिलाधिकारी ने सभी अधिशाषी अधिकारियों को निर्देशित किया कि नगर क्षेत्रों में ठोस और गीले कचरे का वैज्ञानिक निस्तारण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गंगा नदी की स्वच्छता के लिए नगर निकायों की सीधी जवाबदेही तय की जाएगी।

बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि भविष्य में किसी भी निकाय द्वारा लापरवाही या उदासीनता बरती गई तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक त्रिपाठी, उपजिलाधिकारी आर. के. पांडे सहित कई अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox