द्वारका/शिव कुमार यादव/- दिल्ली के माननीय उच्च न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा प्राप्त दहेज हत्या और महिलाओं के साथ क्रूरता के दोषी राजीव वर्मा को आखिरकार द्वारका पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया गया है। वह पिछले दो वर्षों से पैरोल पर छूटने के बाद फरार था और लगातार न्यायिक आदेशों का उल्लंघन कर रहा था। अब उसे द्वारका जिले के एंटी-जेल जमानत और घोषित अपराधी सेल द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है, जिससे न्याय की प्रक्रिया को फिर से सही दिशा में लाया गया है।
अपराध और गिरफ्तारी का विवरण
डीसीपी द्वारका अंकित सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियुक्त राजीव वर्मा ने दिल्ली के न्यू उस्मानपुर थाना क्षेत्र में दहेज हत्या का अपराध किया था। एफआईआर संख्या 305/2003 के तहत उसे दहेज के लिए महिला की हत्या करने और महिला के साथ क्रूरता का दोषी पाया गया था। दिल्ली उच्च न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, लेकिन वह सजा के बाद पैरोल पर बाहर आया और दो साल से अधिक समय तक फरार रहा। वह हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के रायसन गांव में एक महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा था। गुप्त सूचना के आधार पर, द्वारका जिला पुलिस की समर्पित टीम ने उसकी गिरफ्तारी के लिए ऑपरेशन चलाया और उसे कुल्लू के बंदरोल से गिरफ्तार किया।
टीम और कार्य
डीसीपी द्वारका अंकित सिंह के निर्देशानुसार, पैरोल जंपर्स के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया था। इस अभियान का नेतृत्व इंस्पेक्टर विवेक ने किया, जिसमें एएसआई हंस, एचसी महेश, एचसी प्रदीप, सीटी कुलवंत सिंह, सीटी जयदीप और अन्य पुलिस कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस अभियान की निगरानी एसीपी राम अवतार ने की। 24 दिसंबर 2024 को एएसआई हंस को एक गुप्त सूचना मिली कि आरोपी राजीव वर्मा हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के रायसन में एक महिला के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा है। सूचना पर कार्रवाई करते हुए, पुलिस टीम ने आरोपी को कुल्लू से गिरफ्तार किया और उसकी पहचान की पुष्टि की।
पूछताछ और आरोपी का खुलासा
पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने 2003 में अपनी पत्नी के परिवार से दहेज की मांग की थी, और जब उसकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। दिल्ली उच्च न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, लेकिन उसने पैरोल पर रहते हुए न्यायिक आदेशों का उल्लंघन किया और फरार हो गया।
न्याय की प्रक्रिया को मजबूत करना
डीसीपी ने बताया कि इस गिरफ्तारी से यह स्पष्ट होता है कि दिल्ली पुलिस अपने कर्तव्यों को निभाने में पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और कोई भी अपराधी चाहे वह कितने भी समय तक फरार रहे, उसे कानून के हाथों से बचने नहीं दिया जाएगा। इस गिरफ्तारी के बाद, आरोपी को अब अदालत में पेश किया जाएगा और उसे कानून के अनुसार सजा दी जाएगी।


More Stories
खरीदना पड़ा महंगा, तो बना ऑटो-चोर: द्वारका एएटीएस ने कुख्यात वाहन लिफ्टर दबोचा
द्वारका स्पेशल स्टाफ की बड़ी कामयाबी: घोषित भगोड़ा सुमित शर्मा उर्फ काली गिरफ्तार
सरकारी कंपनी का बड़ा तोहफा: 700% अंतरिम लाभांश का ऐलान
हरियाणा में 10वीं के छात्र की हत्या, ट्यूशन जाते समय चाकू से हमला
राहुल के भाषण पर सियासी संग्राम, सरकार ने प्रस्ताव से किया किनारा
धनवर्षा का झांसा बना मौत का जाल, तिहरे जहर कांड में स्वयंभू तांत्रिक गिरफ्तार