नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- नौकरी बदलने वाले कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत देने वाली खबर सामने आई है। अब महीनों तक फुल एंड फाइनल (FnF) का इंतजार करने की परेशानी खत्म होने वाली है। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए नए लेबर कोड ने कंपनियों की प्रक्रिया पूरी तरह बदल दी है। नए नियम के अनुसार, किसी भी कर्मचारी के नौकरी छोड़ने के बाद अब कंपनी को सिर्फ दो वर्किंग डे के भीतर उसका पूरा फुल एंड फाइनल सेटलमेंट करना अनिवार्य होगा।
क्या कहता है नया नियम?
नए वेज कोड के तहत स्पष्ट प्रावधान किया गया है कि कर्मचारी के अंतिम कार्य दिवस के बाद दो कार्य दिवस के भीतर उसकी पूरी बकाया राशि का भुगतान किया जाएगा। इसमें—
बकाया सैलरी, अवकाश (लीव) के एनकैशमेंट का पैसा, अन्य देय भुगतान सब शामिल होंगे।
हालांकि, ग्रेच्युटी जैसी कुछ राशियों का भुगतान अभी भी पुराने नियमों और निर्धारित समय सीमा के अनुसार ही किया जाएगा।
बीटीजी अद्वय के पार्टनर अर्जुन पलेरी बताते हैं कि वेज कोड 2019 की धारा 17(2) में यह स्पष्ट रूप से उल्लेखित है कि दो वर्किंग डे के भीतर भुगतान करना कंपनियों पर कानूनी रूप से अनिवार्य होगा।

पहले क्या था नियम?
अब तक कंपनियों को फुल एंड फाइनल सेटलमेंट करने के लिए 30 दिनों तक की समय सीमा दी गई थी। कई मामलों में यह प्रक्रिया और भी लंबी हो जाती थी।
कारण—
लीव एनकैशमेंट
पेंडिंग बोनस
ग्रेच्युटी
अन्य वित्तीय समायोजन
कई कंपनियां इन सभी बकाया को एक साथ निपटान करने की कोशिश करती थीं, जिससे कर्मचारियों को सप्ताहों या महीनों तक इंतजार करना पड़ता था।
नए नियम का फायदा किसे?
यह बदलाव खासतौर पर उन कर्मचारियों के लिए वरदान साबित होगा, जो—
नौकरी बदल रहे हों, अचानक इस्तीफा देना पड़ा हो, ऑफिस विवाद की वजह से नौकरी छोड़ रहे हों
अब उन्हें अपने पैसों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और सिर्फ दो दिनों में पूरा बकाया मिल जाएगा।


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