देश-विदेश के वैज्ञानिक और शिक्षाविद करेंगे गणित 

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May 9, 2026

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-नवाचार और शिक्षा के भविष्य पर चर्चा

गुरुग्राम/उमा सक्सेना/-   हरियाणा के गुरुग्राम में स्थित एसजीटी यूनिवर्सिटी में महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की वैज्ञानिक विरासत और उनके योगदान पर केंद्रित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन 7 और 8 मार्च को किया जा रहा है। “रामानुजन की विरासत: भविष्य की पीढ़ियों के लिए गणित और उससे आगे की प्रेरणा” विषय पर आयोजित इस सम्मेलन में भारत समेत कई देशों के प्रमुख वैज्ञानिक, शोधकर्ता और शिक्षाविद भाग लेंगे। विश्वविद्यालय के कुलपति हेमंत वर्मा के नेतृत्व में आयोजित यह कार्यक्रम शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास और एसोसिएशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। 

सम्मेलन का आयोजन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और वरिष्ठ पत्रकार राम बहादुर राय के मार्गदर्शन में हो रहा है, जबकि इसकी अध्यक्षता एआईयू की महासचिव पंकज मित्तल करेंगी। कार्यक्रम का संयोजन वरिष्ठ गणित शिक्षिका और NCERT की जनरल काउंसिल की सदस्य अनीता शर्मा द्वारा किया जा रहा है। सम्मेलन में रामानुजन के गणितीय सिद्धांतों और उनके आधुनिक शोध, तकनीक तथा शिक्षा पर पड़ने वाले प्रभाव पर गहन मंथन होगा। इसके साथ ही संख्या सिद्धांत, क्वांटम कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उन्नत गणितीय मॉडलिंग जैसे विषयों पर भी विशेषज्ञ अपने विचार प्रस्तुत करेंगे। 

कार्यक्रम के दौरान वैदिक गणित पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे और यह भी चर्चा होगी कि रामानुजन की विश्लेषणात्मक सोच और समस्या समाधान की पद्धति को आधुनिक शिक्षा प्रणाली में किस प्रकार शामिल किया जा सकता है। सम्मेलन में दिनेश सिंह, जॉर्ज ई. एंड्रयूज़, ब्रूस सी. बर्न्ट, वेदवीर आर्य, श्रीराम चौथाईवाले, सत्यनारायण रेड्डी, गौरव भटनागर, स्वामीनाथन, अनिंद्य सिन्हा, आशीष अरोड़ा, गजेंद्र सिंह, जगदीश बंसल, कपिल शर्मा, कृष्णन, राकेश भाटिया और अनुराधा गुप्ता सहित कई प्रतिष्ठित विद्वान भाग लेंगे। 

आयोजकों के अनुसार अब तक 40 से अधिक शोधपत्र प्रस्तुतियों को स्वीकृति दी जा चुकी है, साथ ही 10 विशेष आमंत्रित व्याख्यान और एक उच्चस्तरीय पैनल चर्चा भी आयोजित की जाएगी, जिसमें गणित के भविष्य और उसके वैश्विक प्रभाव पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

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