देश में सद्भावना फैलाने हेतु दिल्ली में “सद्भावना सम्मेलन” का आयोजन

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-श्री हंस जयंती पर 450 संतों का आगमन -सतपाल जी महाराज होंगे मुख्य वक्ता

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-      देशभर में मानव धर्म और सद्भावना का संदेश फैलाने के उद्देश्य से राजधानी दिल्ली में 8 और 9 नवंबर को दो दिवसीय “सद्भावना सम्मेलन” का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा पंडवाला स्थित हंस नगर आश्रम में आयोजित किया जा रहा है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य समाज में प्रेम, एकता और मानवता के संदेश को प्रसारित करना है।

योगीराज परमसंत हंस महाराज की 125वीं जयंती पर विशेष आयोजन
इस वर्ष सम्मेलन को विशेष रूप से  हंस महाराज की 125वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में पूरे भारत से वेद और धर्मशास्त्रों के ज्ञाता लगभग 450 संत-महात्मा भाग लेंगे। उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु सद्गुरुदेव सतपाल महाराज सम्मेलन के मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे।

“मानव धर्म अपनाने का आह्वान” — महात्मा सत्यबोधानंद 
मानव उत्थान सेवा समिति के प्रबंधक महात्मा सत्यबोधानंद ने बताया कि इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देशवासियों को ऊंच-नीच, जाति-पात और धर्म की संकीर्णताओं से ऊपर उठकर “मानव धर्म” अपनाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि समिति पिछले 70 वर्षों से ‘मानव धर्म सम्मेलन’, ‘राष्ट्रीय एकता सम्मेलन’, ‘भारत जागो सम्मेलन’, ‘सर्व धर्म सम्मेलन’, ‘विश्व शांति सम्मेलन’ और ‘सद्भावना सम्मेलन’ जैसे आयोजनों के माध्यम से समाज में शांति, एकता और प्रेम का संदेश फैला रही है।

देश के 17 राज्यों से आएंगे संत-महात्मा
महात्मा सत्यबोधानंद ने बताया कि इस वर्ष का सद्भावना सम्मेलन देश के 17 राज्यों से संतों की ऐतिहासिक उपस्थिति का साक्षी बनेगा।

उत्तर प्रदेश: वाराणसी, प्रयागराज, चित्रकूट, लखनऊ, मथुरा, मेरठ सहित 67 शहरों से संत आएंगे।

उत्तराखंड: हरिद्वार, ऋषिकेश, बद्रीनाथ, रुद्रप्रयाग समेत 28 स्थलों से संत पधारेंगे।

मध्यप्रदेश: उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर आदि 18 शहरों से संतों का आगमन होगा।

छत्तीसगढ़: रायपुर, बिलासपुर, भिलाई, अंबिकापुर समेत 8 शहरों से संत शामिल होंगे।

जम्मू-कश्मीर: जम्मू, उधमपुर, डोडा और कुपवाड़ा क्षेत्र से संत आएंगे।

हिमाचल प्रदेश: शिमला, कुल्लू, मंडी, कांगड़ा सहित 11 शहरों से संत पधारेंगे।

पंजाब: लुधियाना, भटिंडा, पठानकोट, चंडीगढ़ समेत कई शहरों से आगमन होगा।

हरियाणा: कुरुक्षेत्र, अंबाला, गुरुग्राम, भिवानी जैसे 21 स्थानों से संत शामिल होंगे।

राजस्थान: जयपुर, अजमेर, कोटा, उदयपुर, श्रीगंगानगर आदि 13 क्षेत्रों से संत आएंगे।

गुजरात: अहमदाबाद, सूरत, बड़ौदा और गांधीधाम सहित 17 शहरों से संत पधारेंगे।

महाराष्ट्र: मुंबई, पुणे, नासिक, नागपुर, औरंगाबाद, कोल्हापुर आदि 29 शहरों से संतों का आगमन होगा।

तेलंगाना: हैदराबाद से संत पधारेंगे।

आंध्र प्रदेश: विजयवाड़ा और विशाखापट्टनम से संत आएंगे।

कर्नाटक: बेंगलुरु और मैसूर से संतों का आगमन होगा।

गोवा: वास्को-द-गामा से संत पधारेंगे।

तमिलनाडु: चेन्नई और कोयंबटूर से संत आएंगे।

दिल्ली: राजधानी के 11 जिलों से संत इस आयोजन में भाग लेंगे।

देश में एकता और सद्भाव का संदेश देगा यह सम्मेलन
यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि राष्ट्रीय एकता और सामाजिक सद्भाव के प्रतीक के रूप में देखा जा रहा है। संतों की उपस्थिति और सतपाल महाराज का प्रेरणादायी प्रवचन समाज में “एक मानव, एक धर्म, एक जग” के विचार को सशक्त बनाएगा।

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