दीप जलाकर आज़ादी के परवानों को नमन करे

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October 20, 2026

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दीप जलाकर आज़ादी के परवानों को नमन करे

बहादुरगढ़/- लगभग सभी टीवी चैनलों पर प्रसारित हो रहे कविताओं के कार्यक्रमों में अपनी शानदार प्रस्तुति के लिए चर्चित व हाल ही में वाघा बार्डर पर अपनी ओजपूर्ण रचनाएँ सुनाकर लौटी दिल्ली की जानी मानी कवयित्री रजनी अवनी के बहादुरगढ़ आगमन पर कलमवीर विचार मंच द्वारा उनके सम्मान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। रजनी के एकल काव्य पाठ पर आधारित इस कार्यक्रम में संस्था से जुड़े कवि विरेंद्र कौशिक,बिल्लू जाट,कुमार राघव, सुनीता सिंह आदि भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता गीतकार कृष्ण गोपाल विद्यार्थी ने की।

इस अवसर पर रजनी ने अपने काव्य पाठ के दौरान वीर रस की अनेक रचनाएं तो प्रस्तुत कीं ही, पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी को भी अपने भाव पुष्प अर्पित किए । उन्होंने कहा-

भारत माँ के राजदुलारे,जन-जन के वे प्यारे थे,
राजनीति के शिखर पुरुष थे,सचमुच ही ध्रुवतारे थे।
नेक इरादे,नेक विचारों की करते जो बात सदा,
राष्ट्र प्रेम के लिए जिये सदा ,ऐसे अटल हमारे थे।

देश के शहीदों को याद करते हुए उन्होंने कहा-
दीप जलाकर आज़ादी के परवानों को नमन करें,
जिनकी जयजयकार सदा ये धरती, पर्वत, गगन करें

देश की सुरक्षा के लिए सीमा पर डटे जवानों को समर्पित एक गीत में रजनी ने उनके शौर्यपूर्ण धैर्य व त्याग की मुक्त कण्ठ से प्रशंसा की-

नमन है मेरा उन जवानों को,
जो सरहदों पे घर बनाते हैं।
हम रहें सुकूं से इसलिए,
खुद का सुकूं भूल जाते हैं।

देशप्रेमी युवाओं के हवाले से उन्होंने कहा कि-

देश में पले-बढ़े हैं, देश के लिए खड़े हैं,
देश की ही आन, बान, शान को बढ़ाएंगे
देश के लिए जो कभी देनी पड़े जान भी तो,
हंसते हुए ही कुर्बान कर जाएंगे।
                  गीतकार विद्यार्थी के अध्यक्षीय संबोधन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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