नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दिल्ली सरकार ने प्रोत्साहन आधारित स्टार्टअप नीति का मसौदा जारी किया है, जिसका लक्ष्य 5,000 स्टार्टअप स्थापित करना और शहर को 2035 तक ग्लोबल इनोवेशन केंद्र बनाना है। सरकार 200 करोड़ रूपए का वेंचर कैपिटल फंड स्थापित करेगी, ताकि आने वाले उद्यमियों को मजबूत किया जा सके और 2035 तक दिल्ली को ग्लोबल इनोवेशन हब बनाया जा सके। दिल्ली स्टार्टअप नीति 2025 का मसौदा पब्लिक कंसल्टेशन के लिए उद्योग विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध है और 3 सितम्बर तक सभी स्टेकहोल्डर्स अपनी राय दे सकते हैं।

10 वर्षों की अवधि के लिए यह नीति 18 फोकस क्षेत्रों हेल्थकेयर, फिनटेक, एआई, मशीन लर्निंग, ग्रीन टेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स, ई-वेस्ट मैनेजमेंट और हाइड्रोजन टेक्नोलॉजी जैसी उभरती तकनीकें शामिल की गई हैं। इससे दिल्ली का स्टार्टअप इकोसिस्टम आज और आने वाले कल की जरूरतों को पूरा करेगा।
इसमें कहा गया है कि स्टार्टअप निगरानी समिति की मंजूरी के बाद बाजार की मांग और अग्रणी तकनीकों के अनुसार अन्य प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की जा सकती है और उन्हें शामिल किया जा सकता है। उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि पॉलिसी को इस तरह से डिजाइन किया है कि शुरुआती दौर की हर समस्या का समाधान हो।
उन्होंने कहा कि हम दिल्ली के स्टार्टअप्स को ग्लोबल यूनिकॉर्न्स बनते देखना चाहते हैं। सिरसा ने कहा कि हम सिर्फ एक पालिसी नहीं बल्कि पूरा इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं जो दिल्ली को दुनिया का सबसे पसंदीदा स्टार्टअप डेस्टिनेशन बनाएगा।
व्यवसाय से जुड़े मुख्य खर्चों पर मिलेगी मदद
– ऑफिस स्पेस रेंट पर 100 फीसदी रीइम्बर्समेंट (तीन साल तक हर साल अधिकतम 10 लाख रूपए)
– पेटेंट के लिए 1 लाख रूपए (इंडिया) और 3 लाख रूपए (इंटरनेशनल) तक की सहायता
– एक्जिबिशन कॉस्ट पर 5 लाख रूपए (डोमेस्टिक) और 10 लाख रूपए (इंटरनेशनल) तक रीइम्बर्समेंट
– हर रजिस्टर्ड स्टार्टअप को 12 महीने तक 2 लाख रूपए प्रतिमाह ऑपरेशनल अलाउंस
महिलाओं और वंचित वर्गों को प्राथमिकता
-महिला उद्यमियों को अतिरिक्त सीमा 5.5 लाख रूपए (डोमेस्टिक) और 11 लाख रूपए (इंटरनेशनल) तक सहायता
– महिला उद्यमियों को इंडस्ट्री लीडर्स, चार्टर्ड एकाउंटेंट्स और लीगल एक्सपर्ट्स से क्यूरेटेड मेंटरशिप
सिंगल विंडो सिस्टम से होगी आसानी
– पॉलिसी को लागू करने के लिए तीन संस्थाएं बनाई जाएंगी
– स्टार्टअप पालिसी मॉनिटरिंग कमिटी (कमिश्नर ऑफ इंडस्ट्रीज की अध्यक्षता में)
– स्टार्टअप टास्क फोर्स(85 फीसदी प्राइवेट सेक्टर एक्सपर्ट्स के साथ)
– दिल्ली स्टार्टअप पोर्टल सिंगल विंडो एक्सेस, रजिस्ट्रेशन, इंसेंटिव, ग्रिवांस रीड्रेसल और ट्रैकिंग
इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
– इनक्यूबेशन सेंटर्स, फैब्रिकेशंस लैब, को-वर्किंग और वर्चुअल इनक्यूबेशन नेटवर्क के जरिए स्टार्टअप्स को सभी आधुनिक सुविधाएं सब्सिडी पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
ग्लोबल कनेक्टिविटी
– इंटरनेशनल साझेदारियां और मार्केट एक्सचेंज प्रोग्राम
– ग्लोबल इन्वेस्टर्स से कनेक्शन
– उद्यमियों और निवेशकों के लिए वार्षिक इवेंट्स
– विशेषज्ञों, सीए और इंडस्ट्री लीडर्स से मेंटरशिप


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