नई दिल्ली/अनीशा चौहान/- दिल्ली शराब घोटाले मामले में करीब 17 महीने से जेल में बंद मनीष सिसोदिया को सुप्रीम कोर्ट ने आज जमानत दे दी है। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में ईडी ने सिसोदिया को गिरफ्तार किया था, जिसके बाद सीबीआई ने उन्हें हिरासत में लिया था। जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बताया कि मनीष सिसोदिया ने निचली अदालत में सीबीआई मामले में 13 और ईडी मामले में 14 अर्जी दाखिल की थी। कोर्ट ने सिसोदिया को 10 लाख रुपये का बॉन्ड भरने का भी आदेश दिया। हालांकि, जमानत के साथ कोर्ट ने कुछ शर्तें भी रखी हैं।
कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को जमानत क्यों दी?
सुप्रीम कोर्ट ने मनीष सिसोदिया को जमानत देते हुए कहा कि वह समाज के सम्मानित व्यक्ति हैं और उनके भागने की आशंका नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस मामले में ज्यादातर सबूत जुटाए जा चुके हैं, इसलिए उनके साथ छेड़छाड़ करने की कोई संभावना नहीं है। हालांकि, कोर्ट ने सिसोदिया को 10 लाख रुपये का बॉन्ड भरने और कुछ शर्तों का पालन करने का आदेश दिया है।
शर्तें जिनके तहत मिली जमानत
मनीष सिसोदिया को जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दो मुख्य शर्तें रखी हैं। पहली शर्त यह है कि उन्हें अपना पासपोर्ट जमा करना होगा। दूसरी शर्त यह है कि उन्हें हर सोमवार को थाने आकर हाजिरी लगानी होगी।
26 फरवरी 2023 से जेल में थे बंद
दिल्ली के कथित शराब घोटाले में मनीष सिसोदिया को 26 फरवरी 2023 को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 9 अक्टूबर को ईडी ने भी उन्हें गिरफ्तार किया। सिसोदिया पर आबकारी मंत्री रहते हुए मनमाने और एकतरफा फैसले लेने का भी आरोप था। शराब घोटाले के आरोपी अमित अरोड़ा, दिनेश अरोड़ा और अर्जुन पाड़े को सिसोदिया का करीबी माना जाता है।


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