नई दिल्ली/द्वारका/अनीशा चौहान/- थाना बिंदापुर क्षेत्र में एक सनसनीखेज हत्या के मामले का खुलासा करते हुए एंटी नारकोटिक्स सेल और थाना बिंदापुर, द्वारका जिले की संयुक्त पुलिस टीम ने आरोपी नीतीश दास को बिहार के नवादा जिले से गिरफ्तार किया। आरोपी ने मृतक अखिलेश की गला घोंटकर हत्या कर दी थी।

हत्या की सूचना और प्राथमिकी
09 मई 2025 की शाम को थाना बिंदापुर में हत्या की एक पीसीआर कॉल प्राप्त हुई। शिकायतकर्ता बालेश्वर दास ने बताया कि उसके बेटे अखिलेश का किसी ने गला घोंट दिया है और उसका शव फेज-2, जेजे कॉलोनी, सेक्टर-3, द्वारका में उसके किराये के घर के बाहर पड़ा है। इस मामले में एफआईआर संख्या 309/25 के तहत धारा 103(1) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
संयुक्त पुलिस टीम का गठन
हत्या की गंभीरता को देखते हुए द्वारका जिले के डीसीपी द्वारा एक संयुक्त टीम गठित की गई, जिसका नेतृत्व इंस्पेक्टर सुभाष चंद (एंटी नारकोटिक्स सेल) और इंस्पेक्टर दर्शन लाल (एसएचओ, बिंदापुर) कर रहे थे। टीम में एएसआई, हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल स्तर के अनुभवी पुलिसकर्मी शामिल किए गए। इस टीम को एसीपी श्री रामावतार और सुश्री उषा कुमारी के निर्देशन में कार्य सौंपा गया।
सीसीटीवी से मिली अहम जानकारी
संयुक्त टीम ने घटनास्थल और उसके आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण किया। जांच के दौरान टीम को एक संदिग्ध युवक की गतिविधियां दिखीं, जो रात के समय घटनास्थल के पास घूमता पाया गया। उसके हावभाव और कपड़ों से संदेह बढ़ा।
गुप्त सूचना और आरोपी की पहचान
11 मई 2025 को तड़के लगभग 2 बजे एंटी नारकोटिक्स सेल के एचसी राजू को गुप्त सूचना मिली कि सीसीटीवी में दिखाई देने वाला संदिग्ध युवक नीतीश दास है, जो फोन नं. 2, जेजे कॉलोनी, सेक्टर-3, द्वारका का निवासी है। जब पुलिस ने उसके घर पर छापा मारा तो वहां ताला लगा मिला। पता चला कि नीतीश घटना के बाद अपने पैतृक गाँव नवादा, बिहार भाग गया है।
तकनीकी और मैनुअल निगरानी से गिरफ्तारी
लगातार तकनीकी ट्रैकिंग और निगरानी के माध्यम से पुलिस ने 14 मई 2025 को आरोपी नीतीश दास को बिहार के नवादा जिले से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उसने मृतक अखिलेश की गला घोंटकर हत्या की थी।
हत्या की वजह : पारिवारिक तनाव और प्रेम संबंध
नीतीश ने पूछताछ में बताया कि वह द्वारका में किराए के मकान में रहता था और पड़ोस की एक लड़की से उसका प्रेम संबंध था। दोनों परिवार शादी के लिए तैयार थे, लेकिन लड़की के चचेरे भाई अखिलेश ने इस रिश्ते का विरोध किया और आरोपी को कई बार धमकाया भी।
08 मई को जब नीतीश अकेला था, तब अखिलेश उससे मिलने आया और बहस करने लगा। गुस्से में आकर नीतीश ने लोहे के तार से अखिलेश का गला घोंट दिया और उसकी हत्या कर दी। शव को उसने रात के अंधेरे में मृतक के घर के पास ठिकाने लगा दिया और अगले दिन बिहार भाग गया।


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