दिल्ली में विकराल हो सकता है पेयजल संकट, यमुना सूखने के कगार पर 

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दिल्ली में विकराल हो सकता है पेयजल संकट, यमुना सूखने के कगार पर 

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/भावना शर्मा/- भीषण गर्मी के बीच दिल्ली में दिनोदिन लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही है। वहीं दिल्ली की पेयजल की लाईफ लाईन यमुना भी अब सूखने के कगार पर पंहुच चुकी हैं। इससे दिल्ली में पेयजल की समस्या और गहराने लगी है। इससे दिल्ली के करीब 25 इलाकों में मंगलवार को पेयजल आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। वहीं जलबोर्ड के अधिकारियों ने लोगों से कम पानी खर्च करने की अपील भी की है।
               दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) के एक अधिकारी के मुताबिक इन संयंत्रों से पानी की आपूर्ति 40 प्रतिशत तक कम हो गई क्योंकि यमुना पहले से ही तकरीबन सूख चुकी है। वजीराबाद बैराज में जलस्तर पांच फुट तक घटकर इस साल के न्यूनतम स्तर 669.40 फीट पर पहुंच गया है। इससे वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला जल उपचार संयंत्रों में उत्पादन क्षमता 60-70 प्रतिशत तक गिर गई है। लगातार घटते जलस्तर को देखते हुए दिल्ली जल बोर्ड ने मंगलवार सुबह से जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई।
                बोर्ड ने करीब 25 इलाकों की सूची जारी करते हुए दिल्लीवासियों से अपील की है कि जरूरत के मुताबिक पानी को एकत्रित कर पानी का इस्तेमाल करें। इसके बाद भी अगर पानी की समस्या होती है कि टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जाएगी। इसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया है। पिछले साल 11 जुलाई को तालाब का स्तर 667 फीट तक गिरने के बाद दिल्ली जल बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट का रुख करते हुए हरियाणा को यमुना में अतिरिक्त पानी छोड़ने का निर्देश देने की मांग की थी। डीजेबी ने इस संबंध में तीन बार हरियाणा सिंचाई विभाग को एक पखवाड़े में 12 मई, 3 मई और 30 अप्रैल को पत्र लिखा है। हरियाणा दो नहरों (सीएलसी और डीएसबी) और यमुना से प्रतिदिन 610 मिलियन गैलन(एमजीडी) पानी की आपूर्ति करता है।
               सीएलसी और डीएसबी को मुनक नहर और भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के जरिये हथिनी कुंड से पानी की आपूर्ति की जाती है। इसके अलावा दिल्ली को ऊपरी गंगा नहर के माध्यम से उत्तर प्रदेश से 253 एमजीडी प्राप्त होता है जबकि 90 एमजीडी कुओं और नलकूपों से प्राप्त होता है। चंद्रवाल, वजीराबाद और ओखला डब्ल्यूटीपी की क्षमता क्रमशः 90 एमजीडी, 135 एमजीडी और 20 एमजीडी है। 40 प्रतिशत की कमी का मतलब 98 एमजीडी पानी की कमी है। ये संयंत्र दिल्ली छावनी और नई दिल्ली नगर परिषद क्षेत्रों सहित पूर्वोत्तर दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली, उत्तरी दिल्ली, मध्य दिल्ली, दक्षिणी दिल्ली को पीने के पानी की आपूर्ति करते हैं।
              दिल्ली को करीब 1,200 एमजीडी पानी की जरूरत होती है जबकि दिल्ली जल बोर्ड करीब 950 एमजीडी पानी की आपूर्ति करता है। सरकार ने जून 2023 तक जलापूर्ति को बढ़ाकर 1,180 एमजीडी करने का लक्ष्य रखा है। एक अन्य अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, ’हम मांग को पूरा करने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रहे हैं, लेकिन भीषण गर्मी और हरियाणा में नदी में कम पानी छोड़े जाने के कारण स्थिति दिन ब दिन खराब होती जा रही है।’
               इस दौरान सुबह से सिविल लाइंस, हिन्दू राव अस्पताल क्षेत्र, कमला नगर, शक्ति नगर और करोल बाग के आसपास के क्षेत्र, पहाड़गंज, ओल्ड और न्यू राजिंदर नगर, पटेल नगर, बलजीत नगर, इंद्रपुरी और आसपास के क्षेत्रों में भी इस दौरान जलापूर्ति प्रभावित हो सकती है। रामलीला ग्राउंड, दिल्ली गेट, सुभाष टावर, गुलाबी बाग, पंजाबी बाग, जहांगीरपुरी, मूलचंद, साउथ एक्स और दिल्ली कैंट के कुछ क्षेत्रों में भी पानी की किल्लत का लोगों को सामना करना पड़ सकता है। दक्षिण दिल्ली के कालकाजी, गोविंदपुरी, तुगलकाबाद, संगम विहार, प्रह्लादपुर और आसपास के क्षेत्रों में जलापूर्ति प्रभावित रह सकती है।
              बोर्ड ने लोगों को सलाह दी है कि अपनी जरूरत के मुताबिक पानी एकत्रित कर रखें ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। जलापूर्ति में कमी की आशंका को देखते हुए दिल्ली जल बोर्ड ने आपातकालीन नंबर जारी किया है। जरूरत के मुताबिक लोगों के आग्रह पर वाटर टैंकर उपलब्ध करवाएं जाएंगे।
                 दिल्ली जल बोर्ड की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यमुना नदी में हरियाणा द्वारा कम पानी छोड़ने की वजह से वजीराबाद, चंद्रावल और ओखला में जल उपचार संयंत्रों से पानी का उत्पादन प्रभावित हुआ है। मंगलवार सुबह से जलस्तर में सुधार होने तक पानी की आपूर्ति कुछ इलाकों में प्रभावित रहेगी। इसके लिए केंद्रीय नियंत्रण कक्ष 1916, 23527679, 23634469 सहित अलग अलग वॉटर वर्क्स के नंबरों पर भी टैंकर के लिए संपर्क किया जा सकता है।  

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