दिल्ली में बाइक टैक्सी बैन, हजारों राइडर्स के सामने रोजी-रोटी का संकट

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दिल्ली में बाइक टैक्सी बैन, हजारों राइडर्स के सामने रोजी-रोटी का संकट

-लोन पर ली थी बाइक, अब किस्त कैसे देंगे’, दिल्ली में बैन के खिलाफ प्रदर्शन

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/- दिल्ली में बाइक टैक्सी के परिचालन को रोकने के लिए ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा जारी नोटिस के खिलाफ बाइक टैक्सी चालकों ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया। दिल्ली स्थित एक स्वयंसेवी संगठन ‘एम्पावरिंग ह्यूमैनिटी’ द्वारा आयोजित इस प्रोटेस्ट में बेरोजगार हो चुके 100 से ज्यादा बाइक टैक्सी राइडर्स शामिल हुए। इनमें ओला, उबर और रैपिडो, तीनों एग्रीगेटर्स से जुड़े ड्राइवर शामिल थे। कई लोगों ने अपने हाथों में प्लेकार्ड्स भी ले रखे थे, जिन पर ‘रोको नहीं कमाने दो, बाइक टैक्सी चलाने दो’ और ‘लाखों का सहारा बाइक टैक्सी हमारा’ जैसे नारे लिखे हुए थे। प्रदर्शनकारी मालवीय नगर इलाके के खिड़की एक्सटेंशन में जामुन वाला पार्क स्थित एसडीएम ऑफिस के पास इकट्ठा हुए थे। वहां से सिविल लाइंस स्थित ट्रांसपोर्ट विभाग के मुख्यालय जाकर इन लोगों ने अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
                 दिल्ली सरकार ने राजधानी में बाइक टैक्सी पर रोक लगा दी है। इससे हजारों राइडर्स के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कुछ ने कर्ज लेकर बाइक खरीदी थी।

कैसे चलेगा घर?
बाइक टैक्सी चालक सुरेन्द्र मिश्रा का कहना था कि जबसे परिचालन पर रोक लगी है, तबसे वह इसी चिंता में घुले जा रहे हैं कि अब उनका घर कैसे चलेगा। दीपक के मुताबिक, बाइक टैक्सी चलाकर वह हर दिन पांच-छह सौ रुपये कमा लेते थे। वह इस बात से खुश थे कि मेहनत और ईमानदारी से वह अपने रोजमर्रा के खर्च का इंतज़ाम कर लेते हैं, लेकिन अब अचानक से रोक लग जाने के बाद उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।

’लोन पर ली थी बाइक’
एक अन्य बाइक टैक्सी चालक हरिराम का कहना था कि आजकल वैसे ही मार्केट में नौकरियों का टोटा है। अब सरकार ने हमारी आजीविका के इस जरिए पर भी रोक लगा दी है, जिससे लाखों युवा सड़क पर आ गए हैं। उन्होंने बताया कि उनके एक दोस्त संजय ने दो महीने पहले ही बाइक टैक्सी चलाने के लिए लोन पर बाइक खरीदी थी। अब वह परेशान हैं कि बाइक टैक्सी पर रोक लगने के बाद वह अपने लोन की किस्तें कैसे भरेगा।
                 अशोक नाम के एक राइडर ने बताया कि उन्हें कुछ दिन पहले बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में ट्रांसपोर्ट विभाग की टीम ने पकड़ा लिया था। चूंकि उसी दिन से रोक लगी थी, इसलिए उन्होंने चेतावनी देकर छोड़ दिया था और तभी से उनका काम पूरी तरह ठप पड़ा है। राइडर्स का कहना था कि जब लोग भी चाहते हैं कि बाइक टैक्सी चले और सरकार भी नई पॉलिसी लाने की बात कह रही है, तो फिर बैन लगाने का क्या मतलब है।
                इस बीच नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ऑटो टैक्सी चालकों के एक संगठन ने शनिवार को एक बाइक टैक्सी चालक को पकड़कर उसे जीआरपी के हवाले कर दिया। वह ग्रेटर नोएडा के लिए एक सवारी से बुकिंग ले रहा था। तभी ऑटो चालकों ने उसे पकड़ लिया।

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