
नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- देश की राजधानी दिल्ली से एक चिंताजनक तस्वीर सामने आई है, जहां साल 2026 की शुरुआत के साथ ही गुमशुदगी के मामलों में तेज़ उछाल दर्ज किया गया है। आधिकारिक पुलिस आंकड़ों के अनुसार, जनवरी के पहले पंद्रह दिनों के भीतर 800 से अधिक लोग रहस्यमय तरीके से लापता हो गए। सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि इनमें बड़ी संख्या महिलाओं और किशोरियों की है। आंकड़े बताते हैं कि कुल 807 गुमशुदा व्यक्तियों में से करीब 509 महिलाएं और लड़कियां शामिल हैं, जबकि 298 पुरुषों के लापता होने की सूचना दर्ज की गई है। यानी औसतन हर दिन लगभग 50 से ज्यादा लोग गायब हो रहे हैं, जो राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, लापता लोगों में 191 नाबालिग भी शामिल हैं, जिनमें 146 लड़कियां हैं। इसका मतलब है कि हर दिन लगभग 13 बच्चे घर से गायब हो रहे हैं। यह स्थिति अभिभावकों और समाज दोनों के लिए बेहद चिंता का विषय बन गई है। पुलिस अब तक 235 लोगों का पता लगाने में सफल रही है, लेकिन करीब 572 लोग अभी भी अनट्रेस्ड हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मानव तस्करी, घरेलू विवाद, अपराध और सामाजिक कारणों के चलते ऐसे मामलों में वृद्धि हो सकती है, जिसकी गंभीरता से जांच की जरूरत है।
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें और गुमशुदगी की स्थिति में बिना देरी शिकायत दर्ज कराएं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए कई हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं, जिनमें 181 (महिला हेल्पलाइन), 1091 (महिला हेल्प डेस्क), 112 (पुलिस आपातकालीन सेवा) और राष्ट्रीय महिला आयोग का हेल्पलाइन नंबर 14490 शामिल हैं।





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