नई दिल्ली/- भारत सरकार के स्वच्छ भारत मिशन को आगे बढ़ाते हुए दिल्ली नगर निगम के पश्चिमी जोन में वीरवार को विकासपुरी के डीएवी स्कूल से एसओआरटी (सेग्रगेशन ऑफ ऑर्गेनिक वेस्ट फॉर रिसाइकिलिंग एंड ट्रीटमेंट) परियोजना की शुरूआत की गई। इस परियोजना के तहत पश्चिमी जोन के स्कूलों, संस्थानो व रिहाशयी सोसाइटी को जीरो वेस्ट बनाया जायेगा।
यह लक्ष्य रखा गया है कि 15 अगस्त से पहले विकासपुरी की देवदूत अपार्टमेंट, गुलमोहर अपार्टमेंट, आनन्द कुंज और कांगड़ा निकेतन सोसाइटी में इस परियोजना की शुरुआत की जाए ताकि उन्हें जीरो वेस्ट बनाया जाए। मौके पर ही जैविक कचरे के पृथक्करण और पर्यावरण अनुकूल एरोबिक कंपोस्टिंग-एरोबिन का उपयोग करके गीले कचरे से खाद(कम्पोस्ट) उत्पादन के लिए इस परियोजना की शुरूआत की गयी। इस तकनीक द्वारा 40-45 दिन के भीतर जैविक खाद को कम्पोस्ट में बदल देता है। दिल्ली की लैंडफिल साइट पर कूड़े से ऊंचे-ऊचें पहाड़ बन गए हैं और कई समस्याओं जैसे कि जल प्रदूषण, ग्लोबल वॉर्मिंग उत्पन्न हो रही है। अगर नागरिकों व रिहायशी सोसाइटी द्वारा माक पर ही अलग-अलग किया जायेगा और गीले कचरे से कम्पोस्ट बनाया जाए तो लैंडफिल साइट पर कूड़े का बोझ कम होगा और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में काफी कमी आ सकती है।
पश्चिम जोन के उपायुक्त कुमार अभिषेक ने औपचारिक रूप से डीएवी स्कूल, विकास पुरी में परियोजना का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि पश्चिमी जोन को जीरो वेस्ट क्षेत्र बनाने की दिशा में विभिन्न गैर सरकारी संगठनों, स्वयं सहायता समूहों के साथ कई प्रयास किये जा रहे है। आईपीसीए के उपनिदेशक डॉ राधा गोयल ने कहा कि कचरे से सर्वश्रेष्ठ बनाना आईपीसीए का आदर्श है।


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