दिल्ली में एटीएम ठगी गिरोह का पर्दाफाश, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

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October 24, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

नई दिल्ली/उमा सक्सेना/-   राजधानी दिल्ली में एटीएम धोखाधड़ी के एक बड़े संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर लिया है। क्राइम ब्रांच की इंटरस्टेट सेल को इस कार्रवाई में अहम सफलता मिली है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रवि कुमार भारती (36) के रूप में हुई है, जो लंबे समय से दिल्ली और आसपास के इलाकों में एटीएम फ्रॉड की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। जांच में सामने आया है कि आरोपी करीब 50 से अधिक धोखाधड़ी की वारदातों में शामिल रहा है, जिससे पुलिस और आम जनता के बीच चिंता का माहौल बना हुआ था।

शिकायत से शुरू हुई जांच
पूरा मामला तब सामने आया जब पश्चिम विहार क्षेत्र के एक निवासी ने शिकायत दर्ज कराई कि उनके एटीएम कार्ड के साथ छेड़छाड़ कर ₹35,000 की ठगी कर ली गई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शुरुआती कार्रवाई में पुलिस ने दो अन्य आरोपियों—रौशन कुमार और पिंटू कुमार—को हिरासत में लिया, जिन्होंने पूछताछ के दौरान पूरे गिरोह के मास्टरमाइंड का खुलासा किया।

ठगी का तरीका बेहद चालाक
जांच में सामने आया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से लोगों को निशाना बनाता था। आरोपी एटीएम मशीन के स्लॉट में चिपकाने वाला पदार्थ डालकर कार्ड फंसा देते थे, जिससे ग्राहक परेशान हो जाता था। इसके बाद एटीएम बूथ में फर्जी हेल्पलाइन नंबर चिपका दिए जाते थे। जब पीड़ित उस नंबर पर कॉल करता था, तो आरोपी खुद को बैंक अधिकारी बताकर उसका भरोसा जीत लेते थे और उससे पिन नंबर हासिल कर लेते थे। इसके बाद कार्ड बदलकर पैसे निकाल लिए जाते थे। यह गिरोह खासतौर पर बुजुर्गों और कम जानकारी रखने वाले लोगों को अपना शिकार बनाता था।

पुलिस की सटीक कार्रवाई
पुलिस टीम ने तकनीकी निगरानी, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर छापेमारी की और आरोपी को छत्तरपुर के राजपुर खुर्द इलाके से गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में शामिल टीम ने कई दिनों तक लगातार निगरानी रखकर आरोपी की गतिविधियों को ट्रैक किया, जिसके बाद उसे दबोचने में सफलता मिली।

जांच में सामने आए बड़े खुलासे
अब तक की जांच में 50 से अधिक एटीएम फ्रॉड या प्रयासों का पता चला है। पुलिस ने 9 पीड़ितों की पहचान की है, जबकि इस मामले में 4 एफआईआर और 5 शिकायतें दर्ज की गई हैं। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है, जिसमें वह पहले भी कई मामलों में शामिल रहा है।

बरामदगी और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन, कपड़े और अन्य सबूत बरामद किए हैं। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों और इसके नेटवर्क की तलाश में जुटी हुई है, ताकि पूरे रैकेट का पूरी तरह सफाया किया जा सके।

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