दिल्ली में अब कोई नही सोएगा भूखा, इस्काॅन मंदिर ने संभाला मोर्चा

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June 24, 2026

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दिल्ली में अब कोई नही सोएगा भूखा, इस्काॅन मंदिर ने संभाला मोर्चा

नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- कोरोना महामारी के चलते दिल्ली वासियों की भूख शांत करने के लिए अब द्वारका की इस्काॅन मंदिर संस्था सामने आ गई है। संस्था ने दिल्ली का सबसे बड़ा कोरोना किचन द्वारका के इस्काॅन मंदिर में आरंभ कर दिया है जिसका चुल्हा 24 घंटे जलता रहेगा और रोजाना करीब तीन लाख लोगों के लिए उच्च क्वालिटी का खाना तैयार किया जायेगा। संस्था के इस प्रयास से अब लगने लगा है कि दिल्ली में कोई भी व्यक्ति भूखा नही सोयेगा। संस्था लोगों तक जीपीएस की मदद से खाना पंहुचायेगी और सभी वाहनों पर भी रडार व जीपीएस से पूरी नजर रखी जायेगी। इस्काॅन संस्था के खाना वितरण की व्यवस्था को देखकर दिल्ली सरकार भी उसकी मुरीद हो गई है और संस्था का हर स्तर पर सहयोग करने को तैयार है।

इस्काॅन मंदिर संस्था


                         दिल्ली सरकार के हंगर प्रोजेक्ट की इस्काॅन मंदिर परिसर में देखरेख कर रहे नोडल अधिकारी आर. के.शर्मा ने इस संबंध में जानकारी देते हुए मंदिर प्रंबंधन के इस सेवा व समपर्ण के भाव से आज दिल्ली में कोई भूखा नही सो रहा है। इस्काॅन मंदिर संस्था वास्तव में कोरोना के प्रति असली जंग लड़ रही है। संस्था के इस कार्य में दिल्ली सरकार भी अपना पूरा सहयोग दे रही है। वहीं संस्था के कार्यकलापों के बारें में जानकारी देते हुए संस्था के मीडिया एडवाइजर अनिल बाल्याण ने बताया कि दिल्ली के हंगर प्रोजेक्ट की संस्था प्रबंधन ने जिम्मेदारी संभाल ली है और मंदिर की किचन में रोजाना करीब तीन लाख लोगों के लिए उच्च क्वालिटी का खाना तैयार किया जा रहा है। इसके लिए मंदिर के ब्रह्मचारियों ने फूड क्वालिटी, बजट, स्टोर से लेकर फंड मैनेजमेंट तक के सिस्टम को इस तरह से प्रबंधित किया है कि सारा कार्य बड़े ही सुगम तरीके से हो और खाना तैयार करने में कोई परेशानी बीच में न आ रही है।
                               उन्होने बताया कि मंदिर में तैयार किया गया खाना पूरी दिल्ली में बड़े ही सुव्यवस्थित तरीके से वितरित होगा। जो गाड़िया यहां से खाना लेकर जायेगी उनकी पूरी निगरानी रडार व जीपीएस के माध्यम से की जायेगी ताकि खाना वितरण में कहीं कोई गड़बड़ न हो। संस्था के सदस्य पूरी दिल्ली में सुबह-षाम लोगों को खाना खिलाते हुए तुरंत अगले दिन की तैयारी में जुट जाते हैं। इसकी तैयारी के लिए रोजाना फूड क्वालिटी की जांच की जाती है और खाने मे क्या बनना है इसकी लिस्ट बनाई जाती है। लोगों को खाने में रोजाना दो सब्जियां यानी दाल-राजमा व अन्य कोई सब्जी तथा रोटी, पूरी व राईस दिया जाता है। दिल्ली का ये किचन रोजाना बूढ़े बेसहारा मां-बाप से लेकर गरीब मजदूरों तक को भरपेट खाना खिला रहा है। खाना वितरण का काम हर स्तर पर व हर मूवमैंट पर चैक किया जा रहा है इसके लिए संस्था के अधिकारियों व सदस्यों की टीम हर वाहन की जांच करके उसे रडार सिस्टम पर डालती है और पूरी लोकेशन तक उसकी जीपीएस से निगरानी रखती है। दिल्ली सरकार के अधिकारी भी संस्था के इस प्रबंधन के मुरीद हो गये है और संस्था के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इस संबंध में इस्काॅन मंदिर संस्था के अध्यक्ष पीयूष गोयल का कहना है कि संस्था के ब्रह्मचारियों ने अपनी सूझबूझ का परिचय देते हुए एक मिशाल कायम कर दी है। जो काम सरकारें नही कर पाई वो काम एक संस्था इतने सुव्यवस्थित ढंग से पूरे सिस्टम को उन्नत बना कर काम कर रही है कि सब उसके मुरीद हो गये है। संस्था के सदस्य अपनी षिक्षा व अपनी प्रतिभा का पूरा उपयोग कर रहे है जिसका परिणाम सबके सामने है। उन्होने कहा कि हमारा काम मानव कल्याण से जुड़ा है हम प्राणी मात्र की सेवा के लिए हर काम करने को सदा तैयार रहते हैं। इसी संदर्भ में हमारे ब्रह्मचारी भी श्रवण कुमार की तरह दिल्ली के अपने गरीब व बेसहारा भाईयों तथा बूढ़ें व बेसहारा मां-बाप की पूरे समपर्ण के साथ सेवा कर रहे हैं। मैं अपने सभी साथियों व सहयोगियों का आभार प्रकट करता हूं और आशा करता हूं कि हम अपने हर काम व जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभायें।

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