नई दिल्ली/- दिल्ली पंचायत संघ ने गांवों को मालिकाना हक व हाउस टैक्स माफ 15 अगस्त से पहले संबंधित शासन प्रशासन द्वारा पूरा न करने पर रोष प्रकट किया है।ओर आंदोलन की चेतावनी दी।
पंचायत संघ प्रमुख थान सिंह यादव ने कहा की गांव बुढेला में 14 जुलाई को पंचायत में प्रस्ताव पास किया था की 15अगस्त से पहले संबंधित शासन प्रशासन दिल्ली देहात व गांवों की 18 सूत्री मांगों में से दिल्ली के गांवों को मालिकाना हक,गांवों को हाउस टैक्स,पार्किंग चार्ज,कन्वर्जन चार्ज से मुक्ति , भवन उपनियम से बाहर, गांवों को रोजगार देने के लिए व्यावसायिक श्रेणी में करना,बिजली पानी कनेक्शन तुरंत देना।ऐसे संवेदनशील मुद्दे इनके पास पड़े हैं। जिस पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसलिए बड़े आंदोलन के लिए पंचायत निर्णय लेगी। जिसकी जिम्मेदारी दिल्ली सरकार और नगर निगम को लेनी होगी। पंचायत संघ प्रमुख थान सिंह यादव ने कहा की पिछले काफी वर्षों से इन मुद्दों को उठा रहे है। समय-समय पर निगम मुख्यालय पर धरना व मांगो का पत्र चस्पा करके विरोध दर्ज करा चुका है। लेकिन दिल्ली सरकार के मुखिया व नगर निगम मेयर दिल्ली देहात व गांवों के प्रति दोयम दर्जे के व्यवहार करने पर अड़ा हुआ है। जो बर्दाश्त से बाहर है।
पंचायत संघ प्रमुख थान सिंह यादव ने गांवों व डेयरियों के प्रति सख्त कार्रवाई को लेकर भी रोष प्रकट किया है। क्योंकि किसानों की जो कृषि भूमि अधिग्रहण कर उद्योगिक इकाइयों को दी वहीं आज बड़े बैंकेट हॉल बन गए है। ओर संबंधित शासन प्रशासन किसानों से जबरदस्ती अधिग्रहण की भूमि को टेन्ट पंडाल माफियाओं को लीज पर दे रहा है। इनके खिलाफ कोई सख्त कदम कार्रवाई के नहीं उठाए गए।दिल्ली पंचायत संघ ने दिल्ली देहात व गांव पंचायतों, संगठनों, खापो की संबंधित शासन प्रशासन के खिलाफ बड़े आंदोलन पर निर्णय के लिए प्रमुखों की पंचायत गांव बसेई दारापुर में 25अगस्त को बुलाई है।


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