दिल्ली नहीं, दुनिया कायल है ’कलकल’ की

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हर ख़बर पर हमारी पकड़

दिल्ली नहीं, दुनिया कायल है ’कलकल’ की

-कद्रदानों में अटल बिहारी वाजपेयी, मनमोहन सिंह, अमिताभ बच्चन भी -अपना कैरीकेचर देख ’मिसाइलमैन’ ने लिखा, ’वैरी गुड कार्टून’ -ब्रिटिश पीएम बोरिस जानसन ने लैटर भेज कर धन्यवाद किया -खाकी के कठोर कैनवास पर कला के सतरंगी अक्स बुन रहे एसीपी राजेन्द्र सिंह

नई दिल्ली/गुलशन वर्मा/- पुलिस मतलब कड़क अंदाज, कठोर कार्यशैली, कड़ा अनुशासन। चौबीसों घंटे केस, कोर्ट-कचहरी, कानून, कायदा, कार्रवाई, कैदी, एनकाउंटर, लाठीचार्ज, हथकड़ी, जमानत, मुजरिम एफआईआर आदि आदि। ऐसा मान लिया जाता है कि पुलिस कर्मचारी या अधिकारी का जीवन भावशून्य व संवेदनाविहीन हो जाता है। लेकिन दिल्ली पुलिस का एक ऐसा अधिकारी भी है जो अपनी तूलिका से न केवल सुर्खियां बटोर रहा है बल्कि अपनी कलाकृतियों से विश्वभर में कद्रदानों की एक लंबी फेहरिस्त भी बनाए हुए है।

खाकीधारियों की भीड़ में कुछ ऐसी शख्सियतें भी हैं जो कठोर प्रतिबद्धता के साथ कर्तव्य पालन में आदर्श बन कर खड़े हैं पर साथ ही व्यस्त दिनचर्या में से कुछ पल निकाल कर यह साबित कर रहे हैं कि खाकी सिर्फ कठोरता का पर्याय नहीं। कला, संस्कृति, काव्य, तूलिका भी उनके जीवन में अहम स्थान रखते हैं। यह शख्सियत हैं तूलिका के मास्टर और कविता के फनकार राजेन्द्र सिंह ‘कलकल’। दिल्ली पुलिस में असिस्टेंट पुलिस कमिश्नर यानी एसीपी (पीएचक्यू) राजेन्द्र सिंह को राष्ट्रीय कवि सम्मेलनों में कविता से श्रोताओं को उल्लासित, रोमांचित व भावविभोर करते देखा जा सकता है। देखते ही देखते वह साथ या सामने बैठे व्यक्ति का ऐसा सजीव कैरीकेचर बना देंगे कि आप दंग रह जाएंगे।

एक ’शार्प’ कार्टूनिस्ट के तौर पर ’कलकल’ को अंतरराष्ट्रीय ख्याति मिली है। उनके कद्रदानों में ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री बोरिस जानसन भी हैं जिन्होंने अपना कार्टून देख कर 10, डाउनिंग स्ट्रीट (सन् 1735 से लंदन में ब्रिटिश प्रधानमंत्रियों का निवास स्थान) से ’कलकल’ को प्रशंसा का पत्र भेजा। भारत के पूर्व राष्ट्रपति और देश के मिसाइल मिशन के सूत्रधार एपीजे अब्दुल कलाम को जब राजेन्द्र ’कलकल’ ने उनका कैरीकेचर दिया तो वे इतने प्रभावित हुए कि उस पर लिख दिया, ’वैरी गुड कार्टून’। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, सदी के मेगास्टार अमिताभ बच्चन, क्रिकेटर कपिल देव और तिब्बती आध्यात्मिक नेता दलाई लामा भी उनके प्रशंसकों में शामिल हैं।

’कलकल’ के बनाए कार्टून पर इन सभी ने हस्ताक्षर किए हैं व कमेंट लिखे हैं।
राजेन्द्र ’कलकल’ के बनाए कार्टून/ कैरीकेचर की सूची काफी लंबी है।

दिल्ली पुलिस के इतिहास पर किए गए शोध, साहित्यिक प्रतिभा, अध्यात्मवाद और व्यवहारवाद आदि को देख कर सहज रूप से उनकी ’वर्सेटाइल पर्सनैलिटी’ का अहसास हो जाता है। हरियाणा के भिवानी जिले के मूल निवासी राजेंद्र सिंह ’कलकल’ की बहुमुखी प्रतिभा पर अभी तक हरियाणा साहित्य अकादमी या केंद्र सरकार की साहित्य, कला, शिक्षा, सामाजिक एजेंसियों की नजर न पड़ना आश्चर्यजनक है।

संग्रहालय के सूत्रधार
एसीपी राजेन्द्र सिंह ’कलकल’ दिल्ली पुलिस के संग्रहालय के सूत्रधार और अनुसंधानकर्ता भी हैं। किंग्स्वे कैंप स्थित यह संग्रहालय कई मायनों में अद्भुत है। ’हिस्ट्री एंड हेरिटेज बुक आफ दिल्ली’ में राजेंद्र ’कलकल’ का अहम योगदान है। दिल्ली पुलिस की पहली काफी टेबल बुक इन्हीं के शोध पर आधारित थी। आजादी से पहले की पुलिस यूनिफॉर्म, बंदूक, टोपी, पुलिस थानों की पहचान, फोटो, जुर्माना, पहली एफआईआर, इंस्पेक्शन बुक, पहला वायरलैस सेट जैसी अनेक रोचक और खोजपरक जानकारी इस संग्रहालय में मौजूद है।  दिल्ली पुलिस की वेबसाइट ’कलकल’ के कार्टूनों से भरी है। हर कार्टून इतना परफेक्ट कि आप देखते रह जाएंगे। दिल्ली पुलिस की पत्रिकाओं, कैलेंडर में उनके कार्टून छप चुके हैं।

’कलकल’ जाने माने कवि भी हैं। उनकी कविताओं व साहित्य रचनाओं में जीवन के कठोर, चुटीले व रोचक किस्सों व प्रेरणादायक वृतांत का समावेश होता है। वह सामाजिक बंधनों की परंपरा को कायम रखने में भी सबसे आगे हैं। वह उपदेशक (मूटीवेशनल स्पीकर) की भूमिका भी निभा रहे हैं जिसमें वह अपने संदेशों में जीवन के प्रति आशावाद और उत्साह का संचार करते हैं। वह बाकायदा मूटीवेशनल क्लास भी लगाते हैं जिसमें दैनिक जीवन के तनावों से मुक्ति पाने के टिप्स दिए जाते हैं। ये टिप्स गीता की शिक्षा पर आधारित होते हैं। इन क्लासों में बढ़ती भीड़ इनकी निरंतर बढ़ती लोकप्रियता को स्वयं साबित करती है। बच्चे, युवा, प्रौढ़, बुजुर्ग सभी के लिए होते हैं उनके टिप्स।

देखिए ’कलकल’ के प्रमुख कद्रदान
– पूर्व राष्ट्रपति एवं मिसाइलमैन एपीजे अब्दुल कलाम
– पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी
– पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
– ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री बोरिस जानसन
– भाजपा के शीर्ष नेता लालकृष्ण आडवाणी
– पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी
– सदी के नायक अमिताभ बच्चन
– दिग्गज क्रिकेटर कपिल देव
– तिब्बती नेता दलाई लामा
– अभिनेता अनुपम खेर
– पूर्व सांसद व अभिनेता मनोज तिवारी
– दिग्गज लेखक, पत्रकार, स्तंभकार खुशवंत सिंह
– पत्रकार रजत शर्मा
– अभिनेता अनुपम खेर
– पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव
– पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव
– पूर्व सीएम शीला दीक्षित
– अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा
– दिल्ली के एलजी वीके सक्सेना

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