नई दिल्ली/उमा सक्सेना/- दिल्ली देहात के ग्रामीणों ने यूईआर-2 पर प्रस्तावित टोल टैक्स के खिलाफ बड़ा विरोध शुरू कर दिया है। शनिवार को पालम 360 खाप के बैनर तले आयोजित महापंचायत में सैकड़ों ग्रामीण एकजुट होकर इस फैसले के खिलाफ उतरे। पंचायत की अध्यक्षता प्रधान चौधरी सुरेंद्र सोलंकी ने की।

ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से कहा कि दिल्ली देहात के इतिहास में कभी टोल टैक्स नहीं लगाया गया और वे इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। उनका आरोप है कि पहले की सरकारों ने उनकी जमीनें औने-पौने दामों में अधिग्रहित कर लीं और अब भाजपा सरकार उन पर टोल टैक्स का अतिरिक्त बोझ डालना चाहती है।

सोलंकी ने कहा, “दिल्ली में मौजूदा समय में कहीं भी टोल टैक्स नहीं है। हमारी जमीनें सरकार ने ली हैं, तो अब ग्रामीण किस बात का टैक्स दें? यह दिल्ली देहात के सम्मान और अधिकारों की लड़ाई है।”
महापंचायत में निर्णय लिया गया कि सरकार को 20 सितंबर तक का समय दिया जाएगा। यदि तब तक टोल टैक्स हटाने की घोषणा नहीं हुई, तो 21 सितंबर से ग्रामीण स्वयं टोल बंद कर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे।
पंचायत में बवाना 52 के प्रधान चौधरी धारा सिंह, लाड़ो सराय 96 के प्रधान चौधरी नरेश समेत कई अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। भीड़ और आक्रोश ने साफ संकेत दिया कि यह आंदोलन अब निर्णायक रूप लेने जा रहा है।


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