दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को दी जमानत,किन शर्तों पर मिली राहत

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 11, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को दी जमानत,किन शर्तों पर मिली राहत

-अदालत ने राहत देने से पहले केजरीवाल पर लगाईं 2 शर्तें

नई दिल्ली/अनिशा चौहान/ – राउज एवेन्यू कोर्ट ने गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को राहत देते हुए एक्साइज पॉलिसी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी। जमानत प्रक्रिया पूरी होने के बाद केजरीवाल आज जेल से बाहर आ सकते हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुबह 10 बजे के करीब अरविंद केजरीवाल के वकील बांड भरने जाएंगे। अरविंद केजरीवाल को 1 लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दी गई है। साथ ही कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल के जमानत आदेश पर 48 घंटे के लिए रोक लगाने के ईडी के अनुरोध को भी खारिज कर दिया।

जमानत पर लगाई गईं कई शर्तें

दिल्ली की राऊज एवेन्यू कोर्ट ने अरविंद केजरीवाल को 1 लाख रुपये के निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है। वहीं, कोर्ट ने आप प्रमुख और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को राहत देने से पहले उन पर कुछ शर्तें भी लगाईं। शर्तों के मुताबिक केजरीवाल जांच में बाधा डालने या गवाहों को प्रभावित करने की कोशिश नहीं करेंगे। न्यायाधीश ने केजरीवाल को जरूरत पड़ने पर अदालत में उपस्थित होने और जांच में सहयोग करने का भी निर्देश दिया।

एएसजी एसवी राजू ने क्या कहा?

सीएम केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। मई में उन्हें आम चुनाव के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट से 01 जून तक अंतरिम जमानत मिल गई थी। इसके बाद उन्होंने 2 जून को तिहाड़ जेल में सरेंडर कर दिया था। ईडी की ओर से पेश एएसजी एसवी राजू ने कहा, “सह-आरोपी चनप्रीत सिंह ने उद्यमियों से भारी नकद राशि प्राप्त की और अरविंद केजरीवाल के होटल में ठहरने के बिल का भुगतान किया।

एएसजी एसवी राजू ने आगे कहा, ”ऐसा नहीं है कि ईडी हवा-हवाई जांच कर रही है। मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी के पास पुख्ता सबूत हैं। एएसजी ने आगे कहा कि सह-आरोपी विजय नायर, जिसका सरकार से कोई संबंध नहीं था और उत्पाद शुल्क नीति तैयार करने में उसकी कोई भूमिका नहीं थी, को केजरीवाल ने बिचौलिए के रूप में इस्तेमाल किया था और मुख्यमंत्री के साथ उसकी निकटता संदेह से परे साबित हुई थी। है।”

उन्होंने कहा, ”सीएम केजरीवाल ने अपना पासवर्ड देने से इनकार कर दिया है। यह सामान्य जमानत कानून के तहत जमानत से इनकार करने का आधार है।” इन दलीलों को खारिज करते हुए सीएम केजरीवाल की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विक्रम चौधरी ने कहा कि मनीष सिसौदिया की जमानत खारिज कर दी गई है। सुप्रीम कोर्ट क्योंकि वह दो मामलों – शेड्यूल्ड केस और पीएमएलए केस में जमानत मांग रहे थे।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox