नजफगढ़ मैट्रो न्यूज/नजफगढ़/नई दिल्ली/शिव कुमार यादव/भावना शर्मा/- इस बार हुई भारी बारिश से दिचाऊं कला गांव के किसानों की करीब 500 एकड़ जमीन बाढ़ के पानी में पूरी तरह से डूब गई है। किसानों की खरीफ की फसल तो खराब हो ही गई है अब रबी की फसल के भी कोई आसार नही दिखाई दे रहे है। जिसकारण किसानों के सामने गुजर-बसर की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। हालांकि दिचाऊं कलां गांव की आरडब्ल्यूए ने किसानों की समस्या को पुरजोर तरीके से उठाया है और प्रशासन को भी इसके बारे में अवगत कराया है लेकिन अभी तक सरकार हरकत में आती नही दिखाई दे रही है। हालांकि ग्रामीणों की कार्यवाही के बाद जलबोर्ड जरूर हरकत में आ गया है और अधिकारियों ने कुछ पंप लगाकर पानी को निकालना शुरू कर दिया है। वहीं ग्रामीण सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे है जिसे लेकर उन्हे अभी कोई आश्वसन नही मिला है जबकि दिल्ली के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत यहीं से विधायक भी है। उधर पश्चिमी दिल्ली के सांसद प्रवेश वर्मा ने बाहरी दिल्ली व पश्चिमी दिल्ली के करीब 27 गांवों की सूची उप राज्यपाल को भेजी है जिसमें माननीय उप राज्यपाल से जल निकासी व मुआवजे की मांग की गई है लेकिन इस सूची में दिचाऊं कलां व झाड़ौदा का नाम नही होने से दोनों गांवों के ग्रामीणों में काफी रोष है।

करीब एक सप्ताह पहले दिचाऊं कलां गांव की आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष शिव कुमार शौकीन ने मीडिया के समक्ष गांव में जलभराव को लेकर मुद्दा उठाया था और नजफगढ़ विधायक व दिल्ली सरकार के मंत्री कैलाश गहलोत से ग्रामीणें की समस्या पर ध्यान देकर पानी निकासी कराने की अपील की थी। साथ ही जलबोर्ड, बाढ़ नियंत्रण विभाग व एसडीएम नजफगढ़ को भी इस समस्या से अवगत कराया गया था लेकिन अभी तक किसी भी विभाग ने कोई संज्ञान नही लिया है। हालांकि यूजीआर को लेकर जलबोर्ड के सदस्य व नजफगढ़ निगम जोन चेयरमैन सत्यपाल मलिक ने जरूर दौरा किया था और जलबोर्ड अधिकारियों को यूजीआर जल्द ठीक कर पेयजल सप्लाई सुचरू करने के निर्देश दिये थे। लेकिन अभी तक न तो यूजीआर शुरू हुआ है और न ही खेतो का पानी निकल पाया है। वही किसानों की माने तो विधायक व सांसद भी उनकी समस्या पर ध्यान नही दे रहे है। किसानों की खरीफ की फसल तो पूरी तरह से चौपट हो चुकी है और अब रबी की फसल के भी कोई आसार नही दिखाई दे रहे है। जिसकारण किसानों पर दौहरी मार पड़ी है। ऊंपर से रेवेन्यू विभाग भी उनके खेतो का कोई सर्वे नही कर रहा है। ग्रामीणों ने सरकार से खेतों का जल्द पानी निकलवानें व मुआवजे की मांग की है ताकि ग्रामीणों के आर्थिक नुकसान की भरपाई हो सके।
वहीं ग्रामीणों का कहना है कि प्रवेश वर्मा जी शायद भूल गये है कि वो पश्चिमी दिल्ली से सांसद है और यह गांव उनके संसदीय क्षेत्र में आता है जिसमें सबसे ज्यादा बारिश से नुकसान हुआ है। उन्होने कहा कि सांसद जी को शायद पता होगा कि दिचाऊं कलां गांव गोभी की फसल के विख्यात है और दिल्ली की गोभी की सब्जी की पूर्ति दिचाऊं कलां व झाड़ौदा गांव ही करते हैं। जबकि सांसद जी इस गांव का दौरा करने की बजाये बाहरी दिल्ली के लिए मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इस बात को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष भी है। हालांकि आरडब्ल्यूए की कार्यवाही के बाद जलबोर्ड ने नाले पर पंप लगा दिये है जिनसे पानी निकाला जा रहा है लेकिन बार-बार हो रही बरसात से पानी का स्तर कम होने का नाम नही ले रहा है।


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