दक्षिण कोरिया: राष्ट्रपति यून सुक योल के खिलाफ आपराधिक जांच, 11 दिसंबर को छापेमारी

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January 20, 2026

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दक्षिण कोरिया: राष्ट्रपति यून सुक योल के खिलाफ आपराधिक जांच, 11 दिसंबर को छापेमारी

अनीशा चौहान/-  11 दिसंबर को दक्षिण कोरिया की पुलिस ने राष्ट्रपति कार्यालय में छापेमारी की। यह कार्रवाई राष्ट्रपति यून सुक योल के खिलाफ चल रही आपराधिक जांच के तहत की गई, जिन पर आरोप हैं कि उन्होंने देश में संक्षिप्त मार्शल लॉ लागू कर विद्रोह किया। इस घटना से पहले, 9 दिसंबर को राष्ट्रपति यून के देश छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया गया था।

मार्शल लॉ और विपक्ष की प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति यून ने 3 दिसंबर की रात को देश में मार्शल लॉ लागू किया था, जिसके बाद संसद में अतिरिक्त सुरक्षा बल और हेलीकॉप्टर भेजे गए थे। विपक्षी दलों और उनकी अपनी पार्टी के सांसदों ने राष्ट्रपति के इस आदेश का विरोध किया और उसे वापस लेने के लिए मजबूर किया। इसके चलते राष्ट्रपति यून को महाभियोग का सामना करना पड़ा, और अब उनके अचानक लिए गए इस फैसले की आपराधिक जांच हो रही है।

महाभियोग और विरोध प्रदर्शन

राष्ट्रपति यून सुक योल महाभियोग प्रस्ताव से बाल-बाल बच गए, जिसके बाद सियोल में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। कड़ाके की ठंड के बावजूद लोग संसद के बाहर प्रदर्शन करने लगे और राष्ट्रपति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे। विपक्षी दल अब एक बार फिर उन्हें सत्ता से हटाने के लिए संसद में महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी कर रहे हैं।

न्याय मंत्रालय का बयान

दक्षिण कोरिया के न्याय मंत्रालय के अनुसार, राष्ट्रपति यून को मार्शल लॉ लागू करने के मामले में शुरू की गई जांच के कारण अब उन्हें विदेश यात्रा करने या देश छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रपति यून ने देश में मार्शल लॉ लागू कर देश को अराजकता में डाल दिया था, और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

दक्षिण कोरिया में राष्ट्रपति यून सुक योल के खिलाफ विवाद गहरा रहा है। उनके खिलाफ विद्रोह और मार्शल लॉ लागू करने के आरोपों की जांच चल रही है, और विपक्षी दल उन्हें सत्ता से हटाने के लिए महाभियोग लाने की तैयारी कर रहे हैं। अब देखना यह होगा कि इन घटनाओं के बाद राष्ट्रपति यून का राजनीतिक भविष्य क्या होगा।

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