डॉ. घनश्याम सिंह कॉलेज ने जीता शतरंज प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान

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October 8, 2026

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-प्रतियोगिता का आयोजन और सहभागिता

वाराणसी/उमा सक्सेना/-  वाराणसी के सनबीम कॉलेज फॉर वुमेन, भगवानपुर में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ (MGKVP) से संबद्ध महाविद्यालयों के लिए अंतर महाविद्यालयीन शतरंज प्रतियोगिता 2025-2026 का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में काशी विद्यापीठ से जुड़े विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साह और खेल भावना के साथ भाग लिया। बालिका वर्ग में सात महाविद्यालयों से कुल 30 छात्राओं ने और बालक वर्ग में 14 महाविद्यालयों से 48 छात्रों ने अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।

डॉ. घनश्याम सिंह महाविद्यालय की शानदार सफलता
डॉ. घनश्याम सिंह महाविद्यालय के कुल 12 प्रतिभागियों (6 छात्र और 6 छात्राएँ) ने व्यक्तिगत और सामूहिक दोनों स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। बालक वर्ग की टीम ने सामूहिक रूप से प्रथम स्थान प्राप्त कर “टीम विनर” का खिताब अपने नाम किया। बालिका वर्ग में कृति गुप्ता और बालक वर्ग में अभिनव शुक्ला ने व्यक्तिगत श्रेणी में चौथा स्थान अर्जित किया। यह उपलब्धि महाविद्यालय की खेल समिति और प्रबंधन के मार्गदर्शन और समर्थन के बिना संभव नहीं हो पाती।

खेल समिति और प्रबंधन का योगदान
महाविद्यालय की खेल समिति के अध्यक्ष श्री अरविंद चौबे, सदस्य विकास कुमार प्रजापति और डॉ. जूही श्रीवास्तव ने विद्यार्थियों को प्रेरित करने, उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने और मार्गदर्शन देने में अहम भूमिका निभाई। महाविद्यालय के प्रबंधक नागेश्वर सिंह ने सभी छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि टीम विनर का खिताब और व्यक्तिगत चौथे स्थान की सफलता महाविद्यालय का नाम गर्व से रोशन करती है।

प्रशासक और प्राचार्य का संदेश
महाविद्यालय के प्रशासक संजीव सिंह और प्राचार्य डॉ. आनंद सिंह ने भी छात्रों की सफलता पर हर्ष व्यक्त किया और कहा कि बालक वर्ग द्वारा सामूहिक रूप से प्रथम स्थान प्राप्त करना खेल इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ता है। शतरंज न केवल मानसिक क्षमता बढ़ाने वाला खेल है, बल्कि यह दर्शाता है कि छात्र शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक दोनों क्षेत्रों में उत्कृष्ट हैं।

शतरंज के खेल को बढ़ावा और भविष्य की उम्मीदें
प्रतियोगिता का आयोजन छात्र-छात्राओं के बीच शतरंज के प्रति रुचि और मानसिक कौशल व एकाग्रता को प्रोत्साहित करने में सफल रहा। इस शानदार सफलता ने यह साबित कर दिया कि सही दिशा में प्रयास और निरंतर प्रशिक्षण से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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