डीजीपी ने बताया – थाने में नहीं, सैंपलिंग प्रक्रिया के दौरान हुआ विस्फोट

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May 4, 2026

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श्रीनगर/उमा सक्सेना/-       जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित नौगाम पुलिस स्टेशन परिसर में हुए भीषण विस्फोट को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी नलिन प्रभात ने बताया कि धमाका थाने के अंदर नहीं, बल्कि सैंपलिंग प्रक्रिया के दौरान हुआ। यह हादसा उस समय हुआ जब एफएसएल टीम सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल मामले में बरामद किए गए बड़े विस्फोटक जखीरे के नमूने ले रही थी।

इस दुर्घटना में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि 32 लोग घायल हैं, जिनमें 27 पुलिसकर्मी शामिल हैं।

धमाके से थाने को बड़ा नुकसान, आसपास तक महसूस हुआ झटका
शुक्रवार रात लगभग 11:20 बजे हुए इस विस्फोट की आवाज कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। धमाका इतना शक्तिशाली था कि:

थाने की इमारत क्षतिग्रस्त हो गई
आसपास की इमारतों की खिड़कियाँ टूट गईं
थाने के बाहर खड़ी एक दर्जन से अधिक गाड़ियाँ जलकर खाक हो गईं
सात किलोमीटर दूर तक झटका महसूस किया गया
धमाके के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया और घटनास्थल के सभी रास्ते बंद कर दिए।

क्या कर रहे थे अधिकारी जब हुआ विस्फोट?
डीजीपी के अनुसार, हाल ही में फरीदाबाद से जब्त किए गए 360 किलो अमोनियम नाइट्रेट व एनपीएस का हिस्सा नौगाम थाने के खुले क्षेत्र में रखा गया था। यह उसी सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल की बरामदगी थी, जिसका भंडाफोड़ 19 अक्टूबर को हुआ था।

एफएसएल टीम दो दिनों से नियमित प्रक्रिया के तहत नमूना लेने का काम कर रही थी। लेकिन शुक्रवार रात दुर्घटनावश विस्फोट हो गया।
डीजीपी ने कहा—
“यह एक हादसा है, इसके पीछे किसी साजिश का दावा करना फिलहाल गलत होगा।”

हादसे में मारे गए लोगों में कौन-कौन शामिल?
इस दुखद घटना में जान गंवाने वालों में शामिल हैं:
एसआईए का एक कर्मी
एफएसएल टीम के 3 सदस्य
क्राइम सीन यूनिट के 2 फोटोग्राफर
मजिस्ट्रेट टीम के 2 अधिकारी
एक दर्जी
इसके अलावा 32 घायल लोगों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

आतंकी मॉड्यूल का बड़ा भंडाफोड़ जुड़ा है इस केस से
नौगाम पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR No. 162/2025 की जांच में:
2,900 किलो विस्फोटक
भारी मात्रा में हथियार
जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद मॉड्यूल से जुड़े 9 संदिग्ध गिरफ्तार
मुख्य आरोपी डॉ. मुजम्मिल गनई की भूमिका उजागर
इसी कार्रवाई के तहत बरामद विस्फोटकों की सैंपलिंग की जा रही थी जब हादसा हुआ।

डीजीपी का आश्वासन – “पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है J&K पुलिस”
उन्होंने कहा कि इस हादसे की विस्तृत जांच की जा रही है और किसी भी प्रकार की लापरवाही की भी जांच होगी। पुलिस मृतकों के परिवारों के साथ खड़ी है।

पूरा मामला एक नज़र में
नौगाम पुलिस परिसर में सैंपलिंग प्रक्रिया के दौरान विस्फो
9 लोगों की मौत, 32 घायल
12+ वाहन जलकर राख
आसपास की इमारतों को नुकसान
घटना का आतंकियों से सीधा संबंध नहीं—DGP
हादसे के कारणों की गहन जांच जारी

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