मानसी शर्मा /- आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार, 17 अक्टूबर को बड़ी राहत देते हुए सरकार द्वारा आवंटित सरकारी बंगले से उनके निष्कासन पर रोक लगाने की उनकी याचिका स्वीकार कर ली। न्यायमूर्ति अनुप जे भंभानी ने निर्देश दिया कि ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित पूर्व स्थगन आदेश, जिसमें राज्यसभा सचिवालय को निष्कासन रोकने का निर्देश दिया गया था, बहाल रहेगा ।
Delhi: उच्च न्यायालय रुख किया था राघव
ट्रायल कोर्ट ने अक्टूबर में अपना स्थगन आदेश हटा दिया था, जिसके बाद चड्ढा को उच्च न्यायालय का रुख करना पड़ा था। मामले में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश सुधांशु कौशिक ने कहा था कि चड्ढा के पास बंगले पर कब्जा जारी रखने का कोई निहित अधिकार नहीं है क्योंकि यह केवल एक सांसद के रूप में उन्हें दिया गया विशेषाधिकार था।
टाइप- 7 बंगला किया गया था आवंटित
बता दें, सांसद बनने के बाद राघव को सितंबर 2022 में दिल्ली के पंडारा रोड पर टाइप-VII आवास बंगला आवंटित किया गया था। इस साल मार्च में, उन्हें बताया गया कि आवंटन रद्द कर दिया गया है क्योंकि टाइप-VII उनकी पात्रता से अधिक था, और उन्हें एक और फ्लैट आवंटित किया गया था। राज्यसभा सचिवालय के आदेश के विरुद्ध उन्होंने पंडारा रोड बंगले के आवंटन को रद्द करने के खिलाफ स्थायी निषेधाज्ञा की मांग की थी।


More Stories
अमित शाह की सियासी ताकत और सत्ता में भूमिका पर सियासी बहस तेज
दिल्ली हाईकोर्ट से कुलदीप सिंह सेंगर को बड़ा झटका, जमानत याचिका खारिज
संस्कृत और देवनागरी के प्रचार में उत्कृष्ट योगदान पर प्रो. डॉ. मूल चन्द सम्मानित
महान गौ-भक्त और दानवीर बांके पहलवान जी ने फिर जीता लोगों का दिल
टाटा मुंबई मैराथन 2026: 35 हजार धावकों की ऐतिहासिक भागीदारी
नजफगढ़ वार्ड में वर्षों से बंजर भूमि बनी हरियाली और स्वास्थ्य का केंद्र