छावला वार्ड में किस पर मेहरबान होंगे मतदाता, चौतरफा बना मुकाबला

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

February 2026
M T W T F S S
 1
2345678
9101112131415
16171819202122
232425262728  
February 23, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

छावला वार्ड में किस पर मेहरबान होंगे मतदाता, चौतरफा बना मुकाबला

-भाजपा, आप व कांग्रेस के अलावा दो निर्दलिय भी दे रहे चुनौती

छावला/नई दिल्ली/- नजफगढ़ निगम वार्ड जोन के अन्तर्गत आने वाले छावला वार्ड-125 में चुनाव प्रचार पूरे शबाब पर है। सभी प्रत्याशी नुक्कड़ नाटकों से लेकर घर-घर मतदाता संपर्क पर पूरा जोर लगाये हुए है। हालांकि अभी तक किसी भी पार्टी के बड़े नेता देहात में चुनाव प्रचार में नही उतरे हैं लेकिन छावला वार्ड 125 में भाजपा, आप व कांग्रेस के अलावा दो निर्दलिय प्रत्याशी भी पार्टी प्रत्याशियों को कड़ी चुनौती दे रहे है जिसकारण अब यह कहना मुश्किल हो गया है कि वार्ड में कौन जीतेगा। हालांकि छावला वार्ड में मुकाबला अब चतुष्कोणीय बनता जा रहा है। लेकिन सबसे बड़ी बात जो सामने आ रही है कि छावला वार्ड के मतदाता आखिर किस पर मेहरबान होंगे। क्योंकि अब वार्ड में मुकाबला सिर्फ पार्टियों तक ही सीमित नही रह गया है।
छावला वार्ड में जैसे-जैसे चुनाव प्रचार तेजी पकड़ रहा है वैसे-वैसे मुकाबला काफी दिलचस्प होता जा रहा है। एक तरफ तो भाजपा के शशी यादव, आप के जीता नंबरदार व कांग्रेस के सुखबीर शौकीन मैदान में डटे हुए है वहीं छावला गांव से निर्दलिय विजय सिंह व घुम्मनहेड़ा से निर्दलिय राव सतवीर सिंह भी अब मुकाबले में डट गये है। हालांकि देहात में अकसर जातिगत समीकरण बड़ा उलटफेर करते रहे हैं लेकिन इसबार जातिगत समीकरण की बजाये 36 बिरादरी के समर्थन वाले उम्मीदवार पर ही जीत का सेहरा बंधता नजर आ रहा है।
अब बात करते हैं प्रत्याशियों की तो सुखबीर शौकीन कांग्रेस के प्रत्याशी है और वर्तमान में उनकी पत्नी नंगली सकरावती वार्ड से पार्षद रही थी। हालांकि अब नये परिसीमन के तहत उनका गांव दीनपुर छावला वार्ड में आ गया है तो उनके पुराने समीकरण गड़बड़ा गये हैं। वहीं उनके गांव में भी अब उनका जनाधार काफी कम माना जा रहा है। भाजपा से शशी यादव को उम्मीदवार बनाया गया है। हालांकि भाजपा से ही राव सतवीर सिंह भी टिकट मांग रहे थे। शशी यादव को भाजपा का उम्मीदवार होने का लाभ तो मिलेगा लेकिन जिन यादवों के वोट बैंक पर पार्टी नजर गड़ाये हुए थी वह अब राव सतवीर के मैदान में उतर जाने से बंटता दिखाई दे रहा है।
राव सतवीर सिंह भाजपा की प्रदेश समिति के सदस्य भी है लेकिन इस बार उन्होने भाजपा से टिकट न मिलने के कारण निर्दलिय चुनाव लड़ रहे हैं। वैसे भी ऐसा कोई चुनाव नही होता जिसमें राव सतवीर पंचायती उम्मीदवार नही बनते है। इस बार भी ऐसा ही हो रहा है और राव सतवीर पंचायती उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे है। लेकिन उनके चुनाव लड़ने से भाजपा को सीधे-सीधे नुकसान पंहुच रहा है।
आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी के रूप में समाजसेवी जीता नंबरदार छावला वार्ड से चुनाव लड़ रहे है। हालांकि जीता नंबरदार की समाज में काफी अच्छी छवि है लेकिन फिर भी वार्ड में हर तरफ से सशक्त उम्मीदवार खड़े होने से उनका वोट बैंक भी बंटता नजर आ रहा है।
छावला गांव के पंचायती उम्मीदवार विजय सिंह भी काफी सशक्त नजर आ रहे हैं। पूरा छावला गांव एकजुट होकर उनका समर्थन करता नजर आ रहा है। लेकिन यादव वोट बैंक में सेंध लगाना उनके लिए भी कड़ी चुनौती साबित हो रहा है।
छावला वार्ड से वैसे तो कई और उम्मीदवार भी खड़े है लेकिन जिन चार उम्मीदवारों में मुकाबला देखा जा रहा है उनमें निर्दलिय राव सतवीर सिंह व विजय सिंह तथा भाजपा के शशी यादव व आप के जीता नंबरदार है। अब इन उम्मीदवारों में जनता किस उम्मीदवार पर मेहरबान होगी यह तो समय ही बतायेगा। लेकिन इतना जरूर है कि इस बार जातिगत समीकरण भी गौण दिखाई दे रहा है। हालांकि राव सतवीर व शशी यादव के बीच कोई समझौता हो जाये तो इनमें से कोई भी उम्मीदवार जीत सकता है। वहीं कांग्रेस उम्मीदवार सुखबीर सिंह भी आप की ही वोट काटता दिखाई दे रहा है। अब देखना यह है कि 36 बिरादरी का रूख क्या रहता है।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox