चीन में जिंनपिंग के खिलाफ सड़कों पर लोग, गद्दी छोड़ो के लगे नारे

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

June 2026
M T W T F S S
1234567
891011121314
15161718192021
22232425262728
2930  
June 26, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

चीन में जिंनपिंग के खिलाफ सड़कों पर लोग, गद्दी छोड़ो के लगे नारे

-सख्त लॉकडाउन के खिलाफ 13 शहरों में प्रदर्शन, अनलॉक करने की डिमांड

बीजिंग/- चीन में एक तरफ कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे है तो वहीं दूसरी तरफ लोग चीन में जीरो कोविड पॉलिसी के खिलाफ सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। बीजिंग से शुरू हुए ये प्रदर्शन अब 13 बड़े शहरों तक पहुंच गए हैं। पुलिस इन्हें रोकने के लिए लाठी चार्ज से लेकर लोगों को गिरफ्तार तक कर रही है, लेकिन लोगों का गुस्सा खत्म नहीं हो रहा है। रविवार को रातभर लोग सड़कों पर प्रदर्शन करते रहे और जिनपिंग गद्दी छोड़ों के नारे लगाते रहे।


              इस दौरान लोग नारेबाजी करते हुए लॉकडाउन हटाने और आजादी देने की मांग भी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा- हमें फ्रीडम ऑफ प्रेस, फ्रीडम ऑफ एक्सप्रेशन, फ्रीडम ऑफ मूवमेंट चाहिए। हमें हमारी आजादी दे दो। लोग राष्ट्रपति शी जिनपिंग से इस्तीफा मांग भी कर रहे हैं।
             बता दें कि चीन में लगातार कोरोना बढ़ रहा है। 27 नवंबर को कोरोना के 40 हजार मामले सामने आए हैं। ये अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। चीन में अब एक्टिव केस का आंकड़ा 3 लाख के पार हो गया है। इसके चलते शी जिनपिंग सरकार ने कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं। सख्त लॉकडाउन से 66 लाख लोग घरों में कैद है। ये लोग खाने के सामान के लिए भी बाहर नहीं निकल सकते। रोज होने वाले कोविड टेस्ट से भी नाराजगी बढ़ रही। जो लोग सरकार के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।


            चीन में 10 महीनों से जीरो कोविड पॉलिसी लागू है। कई तरह की पाबंदियां हैं, लेकिन गुस्सा तब भड़क गया जब चीन के शिंजियांग में 25 नवंबर को एक बिल्डिंग की 15वीं मंजिल में आग लगी गई। इस हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई। लॉकडाउन की वजह से राहत समय पर नहीं पहुंच सकी। लोगों ने आरोप लगाया कि अफसरों ने लापरवाही की। इसके बाद बीजिंग में लोग सड़कों पर उतर आए और प्रदर्शन शुरू हो गए।
            नए नियमों में लोगों को प्रतिबंधों से ढील दी गई है और अर्थव्यवस्था के लिए कम नुकसान पहुंचाने वाला बनाया गया है, लेकिन कोविड केस बढ़ने के कारण स्थानीय अधिकारी सख्त नियमों को छोड़ने को तैयार नहीं हैं। नियमों में छूट की बजाय अधिकारी पूर्व की तरह जीरो कोविड नीति की और ही लौट रहे हैं।
             प्रदर्शन राजधानी बीजिंग से शुरू हुआ और लॉन्चो, शियान, चोंगकिंग, वुहान, झेंगझोऊ, कोरला, होटन, ल्हासा, उरुमकी, शंघाई, नानजिंग, शिजियाझुआंग तक पहुंच गया। यहां पिछले तीन दिनों से लोग सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
             लोग जिनपिंग गद्दी छोड़ो, कम्युनिस्ट पार्टी गद्दी छोड़ो, शिनजियांग को अनलॉक करो, चीन को अनलॉक करो, पीसीआर टेस्ट नहीं चाहिए, प्रेस की आजादी चाहिए जैसे नारे लगा रहे।
             प्रदर्शनकारी असंतोष जताते हुए खाली सफेद कागज (ब्लैंक व्हाइट पेपर) लेकर प्रोटेस्ट कर रहे हैं। बीजिंग में भी स्टूडेंट्स ब्लैंक व्हाइट पेपर लेकर साइलेंट प्रोटेस्ट करते दिखे। ये एक तरह से सेंसरशिप या गिरफ्तारी से बचने के तौर पर किया जाने वाला विरोध है।

विरोध पर चीनी मीडिया चुप
चीनी मीडिया इस विरोध प्रदर्शन को लेकर चुप है। वहां विरोध से जुड़ी कोई खबरें नहीं दिखाई जा रही है। हालांकि, चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में एक आर्टिकल पब्लिश हुआ है, जिसमें ये कहा गया है कि वेस्टर्न मीडिया जीरो कोविड पॉलिसी से जुड़े इस मामले को हवा दे रहे हैं। फुदान यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी के हवाले से इसमें लिखा गया है- आपसी मतभेद के चलते वेस्टर्न कंट्रीज चीन की कम्युनिस्ट पार्टी की निंदा कर रही है। वैसे भी    चीन में विरोध प्रदर्शन आसान नहीं है। ऐसे लोगों के साथ यहां क्या होता है उसके बारे में किसी को पता नहीं चलता। एक प्रदर्शनकारी ने बताया कि मौके पर पुलिस ने उनके एक दोस्त की पिटाई की, जबकि दो अन्य लोगों पर मिर्ची का स्प्रे किया गया।  
           चीन की आर्थिक राजधानी शंघाई में कोरोना से हाहाकार मच हुआ है। शंघाई चीन के साथ दुनिया के अन्य देशों के आर्थिक कारोबार के लिए भी काफी महत्व रखता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लॉकडाउन की वजह से देश की आर्थिक रफ्तार पर असर पड़ रहा है।
          एक्सपर्ट के मुताबिक, चीन की ळक्च् में 20ः योगदान देने वाला क्षेत्र इस वक्त भी लॉकडाउन या सख्त पाबंदियों से गुजर रहा है। उसके केंद्रीय बैंक भी अगले साल चीन की ग्रोथ को 4.3 प्रतिशत से घटाकर 4ः आंक रहे हैं।

लंदन में भी प्रदर्शन
चीन की जीरो कोविड पॉलिसी के खिलाफ लंदन में भी प्रदर्शन देखे गए। यहां चीनी दूतावास के बाहर 27 सितंबर को सैकड़ों लोग जुटे। लोग 25 नवंबर को शिंजियांग की इमारत में आग लगने से मारे गए 10 लोगों की मौत का भी विरोध कर रहे थे। चीन में अधिकतर लोग सख्त कोरोना प्रतिबंधों को इन मौतों की वजह बता रहे हैं। हालांकि, चीनी प्रशासन इस आरोप को ख़ारिज कर रहा है। आयरलैंड के डबलिन, ब्रिटेन के शेफील्ड, कनाडा के टोरंटो और अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में भी प्रदर्शन हो रहे हैं।

About Post Author

आपने शायद इसे नहीं पढ़ा

Subscribe to get news in your inbox