चंडीगढ़ बना नशा मुक्ति अभियान का केंद्र, पंजाब-हरियाणा के नेताओं ने दिखाई एकता

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August 25, 2026

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चंडीगढ़ बना नशा मुक्ति अभियान का केंद्र, पंजाब-हरियाणा के नेताओं ने दिखाई एकता

चंडीगढ़/अनीशा चौहान/-  चंडीगढ़ में ‘वॉक फॉर ड्रग-फ्री चंडीगढ़’ नामक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें पंजाब और हरियाणा के राज्यपालों के साथ-साथ दोनों राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। इस जनजागरूकता मुहिम में पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सक्रिय भागीदारी की।

सीएम सैनी ने जताई चिंता, बताया सीमावर्ती राज्यों में ड्रग्स की चुनौती
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ मिलकर नशे के खिलाफ एकजुट लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि:

“अगर किसी एक राज्य में पुलिस ड्रग माफिया के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो वे दूसरे पड़ोसी राज्यों की ओर भाग जाते हैं। इस चुनौती से निपटने के लिए जरूरी है कि राज्यों और प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय हो।”उन्होंने आगे विश्वास जताया कि सभी मिलकर प्रयास करें तो चंडीगढ़ को नशा मुक्त बनाया जा सकता है। सीएम भगवंत मान ने दी युवाओं को नई उम्मीद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने संबोधन में कहा, “आज मैं चंडीगढ़ में नशे के खिलाफ एक नई क्रांति देख सकता हूं। यह आंदोलन केवल एक वॉक नहीं है, बल्कि एक संकल्प है — आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वच्छ भविष्य देने का।”

युवाओं को प्रेरित करने की अपील, गलत आदर्शों से बचने का संदेश
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे नशे को बढ़ावा देने वाले गानों और कलाकारों को अपना आदर्श न बनाएं। उन्होंने कहा:

“अगर रोल मॉडल चाहिए तो मिल्खा सिंह और हरमनप्रीत कौर जैसे देशभक्त और मेहनती लोगों को अपना आदर्श बनाएं। पंजाब और हरियाणा के लोग कुश्ती, कबड्डी और सेना में भर्ती के लिए पहचाने जाते हैं, लेकिन अब हमारी छवि को नशे ने धूमिल कर दिया है। अगर अंगूठी में जड़ा पत्थर फीका पड़ जाए, तो उसकी कीमत घट जाती है — वैसे ही अगर हमारे राज्य नशे की चपेट में आ जाएं, तो पूरे देश की छवि प्रभावित होती है।”

नशा विरोधी अभियान को मिला जनसमर्थन
यह कार्यक्रम समाज के हर वर्ग को जोड़ने की एक पहल थी। बड़ी संख्या में छात्र, युवा, वरिष्ठ नागरिक और सामाजिक संगठन इस वॉक में शामिल हुए। ‘वॉक फॉर ड्रग फ्री चंडीगढ़’ नशे के खिलाफ एकजुटता का प्रतीक बन गया है।

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