गोल्डमैन बप्पी दा के कुछ अनसुने किस्से

स्वामी,मुद्रक एवं प्रमुख संपादक

शिव कुमार यादव

वरिष्ठ पत्रकार एवं समाजसेवी

संपादक

भावना शर्मा

पत्रकार एवं समाजसेवी

प्रबन्धक

Birendra Kumar

बिरेन्द्र कुमार

सामाजिक कार्यकर्ता एवं आईटी प्रबंधक

Categories

May 2026
M T W T F S S
 123
45678910
11121314151617
18192021222324
25262728293031
May 13, 2026

हर ख़बर पर हमारी पकड़

गोल्डमैन बप्पी दा के कुछ अनसुने किस्से

नजफगढ़ मेट्रो न्यूज़/ बॉलीवुड/ मानसी शर्मा -बॉलीवुड में आपको तरह-तरह के गायक देखने को मिले होंगे हर एक गायक का अपना अलग ही अंदाज होता है कई बार इन्हीं गायकों में से एक लोगों के बीच अपनी अलग ही छाप छोड़ जाता है ।  चलते चलते मेरे गीत याद रखना कभी अलविदा ना कहना… इसी गीत को अपनी धुन से सजाने वाले गायक संगीतकार बप्पी लाहिड़ी यानी कि बॉलीवुड के पहले रॉकस्टार उन्होंने बॉलीवुड में अपनी आवाज से गीतों में तड़का लगाया।

डिस्को किंग के नाम से मशहूर बप्पी दा का निधन 16 फरवरी 2022 को हो गया था । बप्पी दा की खासियत उनका गोल्ड भी रहा है, गले में गोल्ड की मोटी चैन और भारी भारी अंगूठियां । पहले बप्पी दा को देखने वाले उन्हें गोल्ड की दुकान तक कहते थे दरसल बप्पी दा का मानना था की उनके लिए गोल्ड बहुत ज्यादा लक्की है।

27 नवंबर 1952 को उनका जन्म कोलकाता में हुआ था वह संगीत घराने से ताल्लुक रखते थे उनके पिता अफ्रेश लाहिड़ी एक मशहूर बंगाली गायक थे और उनकी माता बांसुरी लाहिड़ी एक बांग्ली संगीतकार हुआ करती थी ।आपको बता दें , कि बप्पी दा अपने मां-बाप की अकेली संतान थी बचपन से ही बप्पी दा फेमस होने के सपने देखा करते थे उन्होंने संगीत अपने माता-पिता से ही सीखा था ।  

फेमस सिंगर किशोर कुमार बप्पी दा के मामा थे। 3 साल की उम्र से ही बप्पी दा ने तबला बजाना शुरू कर दिया था । बॉलीवुड को रॉक और डिस्को से रू-ब-रू कराकर पूरे देश को अपनी धुनों पर थिरकाने वाले मशहूर संगीतकार और गायक बप्पी दा ने कई बड़ी छोटी फिल्मों में काम किया । बप्पी दा ने 80 के दशक में बालीवुड को यादगार गानों की सौगात दे कर अपनी पहचान बनाई। महज 17 साल की उम्र से ही बप्पी संगीतकार बनना चाहते थे और उनकी प्रेरणा बने एसडी बर्मन। बप्पी टीनएज में एसडी बर्मन के गानों को सुना करते और उन्हें रियाज किया करते थे।

जिस दौर में लोग रोमांटिक संगीत सुनना पसंद करते थे ।उस वक्त बप्पी ने बॉलीवुड में ‘डिस्को डांस’ को इंट्रोड्यूस करवाया। उन्हें अपना पहला अवसर एक बंगाली फ़िल्म, दादू  और पहली हिंदी फ़िल्म नन्हा शिकारी में मिला । जिसके लिए उन्होंने संगीत दिया था। जिस फ़िल्म ने उन्हें बॉलीवुड में स्थापित किया, वह ताहिर हुसैन की हिंदी फ़िल्म ज़ख़्मी थी। जिसके लिए उन्होंने संगीत की रचना की और पार्श्व गायक के रूप में दोगुनी कमाई की।

इस फिल्म ने उन्हें ऊंचाइयों पर पहुंचाया और हिंदी फिल्म उद्योग में एक नए युग को आगे लाया। इसके बाद तो वे फिल्म दर फिल्मु बुलंदियों को छूते गये और बॉलीवुड में अपना नाम बड़े कलाकार के रूप में प्रतिष्ठित किया। बप्पी दा प्रसिध्दि गायक होने के साथ म्यू जिक डायरेक्टिर, अभिनेता एवं रिकॉर्ड प्रोड्यूसर भी हैं।

About Post Author

Subscribe to get news in your inbox